कोटा. राज्य सरकार की ओर से बुजुर्गों, विधवाओं, परित्यक्ताओं को दी जाने वाली पेंशन ऐसे लोगों को भी जारी हो रही है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे 100 से अधिक लोगों की पेंशन डाक विभाग ने वापस लौटा दी है। इनमें से कई लोगों की पेंशन दो से तीन बार तक वापस पहुंच रही है। इससे विभाग परेशान है।
इस बारे में कोष विभाग का कहना है कि 11 महीने में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं आने से उनकी पेंशन दुबारा जारी हो जाती है। डाक विभाग का काम पेंशन बांटना है, यदि पेंशनर की मौत हो चुकी है तो उसे वापस लौटा दे। उनकी देरी के कारण लोगों को समय पर पेंशन नहीं पहुंच रही है।
कोटा शहर में पिछले 11 माह से लगभग 60 हजार पेंशनर्स को पेंशन दी जा रही है। सितंबर में चार माह की पेंशन एक साथ जारी की गई है। इसमें 100 से अधिक लोग ऐसे हैं जिनकी बीते 11 माह में मौत हो चुकी है। इसकी पुष्टि डाक विभाग ने की है।
डाक विभाग के एसएसपी एसडी शेख के अनुसार नई धानमंडी, आईएल पोस्ट ऑफिस, दादाबाड़ी सहित अन्य डाकघरों में जब पेंशन भेजी गई तो पता चला की कई लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी नोट लगाकर इन पेंशनों को लौटाया गया था, लेकिन कोष विभाग फिर से इन्हें भेज देता है।
इस बार भी यही स्थिति बनी है। उधर, कोषाधिकारी रामगोप मीणा ने कहा कि 11 माह में इतने लोगों में से 100 से अधिक लोगों की मौत होना स्वाभाविक है। उनकी जानकारी नहीं मिलने के कारण पेंशन जारी हो जाती है।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि डाक विभाग का काम पेंशन के पीपीओ बांटना है। इसके लिए उन्हें कमीशन मिलता है। वे समय पर इसका वितरण नहीं कर पा रहे, जिससे पेंशनर परेशान हो रहे हैं। वे सोमवार को सांगोद में गए थे, वहां भी आधे से अधिक लोगों को पेंशन नहीं बंटी है।