कोटा। देश की सबसे बड़ी उर्वरक उत्पादक कंपनी चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) ने कोटा जिले के गढ़ेपान स्थित अपने दो में से एक प्लांट को चालू वित्त वर्ष के लिए बंद कर दिया है। इसके लिए सरकार की प्रतिकूल नीतियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। कंपनी ने बीएसई पर इसका कॉर्पोरेट एनाउंसमेंट भी कर दिया है। यह प्लांट अब नए वित्त वर्ष में यानी अप्रैल में ही शुरू होगा। इसकी क्षमता तीन हजार टन यूरिया रोजाना उत्पादन की है और दो माह इसके बंद रहने से 1.80 लाख टन यूरिया नहीं बन पाएगा।
ऐसे में अगले सीजन में यूरिया संकट और बढ़ने की आशंका है। यह पहला मौका है, जब सीएफसीएल का कोई प्लांट इतने लंबे समय के लिए बंद रहेगा। हालांकि कंपनी इस अवधि में प्लांट की मरम्मत जारी रखेगी।
देश की बड़ी उर्वरक उत्पादक कंपनी: सीएफसीएल के कोटा में दो यूरिया प्लांट हैं। दोनों की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन है। यह उर्वरक उत्पादन के मामले में देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। देश के लगभग 11 राज्यों को यहां उत्पादित यूरिया सप्लाई होता है। दोनों प्लांट उच्च तकनीक से बने हैं, जिनमें जापान, इटली, डेनमार्क व यूएस की टेक्नोलॉजी अपनाई गई हैं। पहला प्लांट 1994 और दूसरा 1999 में शुरू किया गया था। वर्तमान में जो प्लांट बंद किया है, वह वर्ष 1999 में शुरू हुआ था।