कोटा। बाजार में मांग घटने से वेल्डिंग इलेक्ट्रॉड रॉड इंडस्ट्री संकट में आ गई है। पिछले तीन साल में पांच इंडस्ट्री बंद हो गई। इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री का बाजार डाउन होने से वेल्डिंग रॉड इंडस्ट्री भी समस्याओं से घिर गई है। उद्यमी इसके पीछे कृषि उपकरणों की बिक्री कम होना बता रहे हैं।
उद्यमियों का कहना है कि कभी वेल्डिंग रॉड के लिए देश में कोटा का नाम सबसे ऊपर हुआ करता था। यहां तक की एक्सपोर्ट भी होता था, लेकिन अब हालात विपरीत हो गए हैं। वर्तमान में जगह-जगह इसकी इंडस्ट्री खुलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
एसएसआई एसोसिएशन के पूर्व सचिव मनोज राठी ने बताया कि राजस्थान में किशनगढ़, जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, मेड़ता और नागौर आदि कई शहरों में इसकी इंडस्ट्री शुरू हो चुकी है।
वर्तमान में नौ ग्रुप की 13 यूनिट्स चल रही हैं। वह भी पूरी तरह नहीं। उद्यमी मनोज अग्रवाल ने बताया कि सरकार की ओर से लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कोई रियायती पैकेज नहीं दिया गया है। ऐसे में लघु उद्योग आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। बाजार में पूरी तरह मंदी छाई हुई है। दो महीने से मांग घटकर 60 प्रतिशत रह गई है।