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डाउनलोड करेंकोटा। रेडियांस आईआईटी मुंबई और आईसीई सिस्टम के साझा तत्वावधान में कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी में हुई दो दिनी वर्कशॉप के अंतिम दिन गुरुवार को आईसीई सिस्टम के ऑटोमोबाईल विशेषज्ञों ने ऑटोमोबाईल मैकेनिक्स की नई तकनीकों की प्रेक्टिकल जानकारी दी। विशेषज्ञ तरून चितकारा ने पहले सत्र में ऑटोकेड सॉफ्टवेयर 'केटीआई' से बताया कि कार बनाना प्रत्येक ऑटोमोबाईल इंजीनियर का सपना होता है लेकिन इसके लिए मैकेनिक्स के डिजाइनिंग पाट्र्स को समझना बहुत जरूरी है।
वर्कशॉप में मारूति सुजुकी और वॉक्स वोगन कार के बोनेज के अंदर की कार्यप्रणाली और इंजन पार्ट्स के मैकेनिज्म का लाइव डेमो देते हुए रेडियांस आईआईटी पैनल के सदस्य सिद्ध भटनागर ने कार के इंजन सिस्टम की असेम्बली व डि-असेम्बली प्रोसेस का प्रैक्टिकल करके दिखाया। उन्होंने कहा कि हमने न्यूटन लॉ और एनर्जी लॉ तो पढ़ा लेकिन किताबी नॉलेज के साथ हमें यह पता होना चाहिए कि ऑटोमोबाईल में केमिकल एनर्जी मैकेनिकल एनर्जी में कैसे बदलती है।
पेनल सदस्य संकल्प सिंह ने कहा कि एक ऑटोमोबाईल इंजीनियर में थ्योरी के साथ प्रेक्टिकल स्किल्स बहुत जरूरी है। ऑटोमोबाईल मेकेनिक्स विशेषज्ञ इशिता सिंह ने एक सॉफ्टवेयर के जरिए ऑटोमोबाईल के 'फेक्टर ऑफ सेफ्टीÓ में काम आने वाले ऑटो ब्रेकिंग सिस्टम, इल्यूमिनेशन, इमोबलाइजर सिस्टम को समझाया।
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