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एक मां की गुहार, अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो

6 वर्ष पहले
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कोटा। गर्भ में बेटी होना एक मां के लिए जैसे अभिशाप हो गया। जिन्हें अपनाना था, उन्होंने ही उसे ठुकरा दिया। बोल दिया कि तीन लाख लाओ, हम बेटी को अपना लेंगे। फिलहाल यह अभागी मां इंसाफ के लिए पुलिस अफसरों के चक्कर काट रही है। और हां... इस मां की पीड़ा और आंसू हर किसी से यह जरूर कहते हैं कि “अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो...’। दर्द की यह दास्तां हैं शहर के बालिता रोड, कुन्हाड़ी की बैंक कॉलोनी निवासी सविता गोयल की, जिसे दुधमुंही बेटी सहित अपनाने से ससुराल वालों ने ठुकरा दिया।
महिला थाने में उसकी ओर से एक माह पहले एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की। अब कई महिला संगठन उसकी मदद को आगे आ रहे हैं और एसपी को ज्ञापन भी दिया गया है।

दर्द सहा, ताकि घर बसा रहे
पीड़िता ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि अप्रैल, 2014 में उसका विवाह नैनवां, बूंदी के सुशील मित्तल से हुआ था। इसके बावजूद ससुराल वालों की मांग पूरी नहीं कर पाए और उन्होंने आए दिन उसे परेशान करना व मार-पीट शुरू कर दिया। कई बार वह अपने पीहर आ गई, लेकिन घर बना रहे, इसलिए समझाइश पर वापस भी चली गई। इसी बीच वह गर्भवती हो गई।
ससुराल वालों ने गर्भ परीक्षण करवाया तो बेटी होने की बात पता चली। इसके बाद तो उन्होंने उसे अपनाने से ही मना कर दिया। पिता से तीन लाख रुपए मंगवाने की शर्त रख दी और यह पूरा नहीं करने पर उसे घर से निकाल दिया। इस मामले में पति, सास-ससुर, ननद, देवर आदि के खिलाफ मामला दर्ज कराया जा चुका, लेकिन एक माह बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।