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पूर्व मंत्री ने बिरला को चेताया, गांवों तक पहुंचे सफाई अभियान वरना सफाया हो जाएगा

7 वर्ष पहले
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कोटा। जिला परिषद भवन के लोकापर्ण समारोह में पूर्व मंत्री भरत सिंह ने सफाई अभियान पर सांसद ओम बिरला को चेताया। इशारा करते हुए कहा कि अभियान गांवों तक पहुंचना चाहिए, वरना सफाया हो जाएगा। बतौर विशेष आमंत्रित अतिथि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने झाड़ू उठाया तो सभी ने झाड़ू उठा लिया। यही सफाई व शौचालय की बात कांग्रेसी मंत्री जयराम रमेश ने भी कहीं तो पूरा विपक्ष सरकार के पीछे पड़ गया था। अच्छी बात है सफाई होनी चाहिए।
मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने कहा कि गावों में करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं नहीं है। जिले की सभी पंचायतों का प्लान तैयार कर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। फ्लोराइडयुक्त गांवों का चिन्हीकरण कर अगले तीन सालों में आरओ प्लांट लगेंगे और दो सालों में हर गांव में शौचालयों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि लुहावद सरपंच रफीक पठान की तरह सभी को अपनी पंचायत को आदर्श बनाने के लिए काम करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख मधुकुंवर हाड़ा ने की। विशिष्ट अतिथि सांगोद विधायक हीरालाल नागर, पीपल्दा विधायक विधा शंकर नंदवाना, रामगंजमंडी विधायक चंद्रकांता मेघवाल, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा थे। अंत में उपजिला प्रमुख रेखा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस भवन को बनाने में एक करोड़ रुपए की मदद करने के लिए पूर्व व वर्तमान विधायकों जिला परिषद सदस्यों का सम्मान किया गया।
निडरता के चलते कई अधिकारी रावण बन जाते हैं

पूर्व मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि तो जनता से डरता है उसे हर 5 साल में होने वाली परीक्षा में फेल होने का डर रहता है, लेकिन अधिकारियों को कोई डर नहीं होता। वे केवल एक परीक्षा पास करते हैं और अमर हो जाते हैं। इस निडरता से कई अधिकारी रावण बन जाते हैं।
जिला परिषद का भवन बनाने में तात्कालीन अधिकारियों द्वारा लगाए गए अड़ंगों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि तात्कालीन संभागीय आयुक्त ने इस भवन में पुलिस को ऑफिस देने के ठानी थी। इसे रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया, लेकिन सभी अधिकारी रावण नहीं होते, कुछ राम भी होते हैं। चीफ सेक्रेट्री को बताने पर उन्होंने समर्थन किया और संभागीय आयुक्त को डांट लगाई तब जाकर ये भवन जिला परिषद के हैंडओवर हो सका।
भूतपूर्व भी टिप्स दे सकते हैं

पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को काम समझने में ही काफी समय लग जाता है। ऐसे में प्रशिक्षण केंद्र में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए वर्तमान के साथ-साथ भूतपूर्व मंत्रियों व जिला प्रमुख को भी बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि हम तो भूत हो चुके हैं, लेकिन काफी काम की टिप्स दे सकते हैं। अनुभवों का लाभ लेना चाहिए।