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जेके लोन अस्पताल में मस्तिष्क ज्वर से बालिका की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

7 वर्ष पहले
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कोटा। जेके लोन अस्पताल में बुधवार सुबह मस्तिष्क ज्वर से एक बालिका की मौत हो गई। इसके बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल में स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने पुलिस बुलाई। पुलिसकर्मियों ने समझा-बुझाकर परिजनों को शव के साथ रवाना किया।

अंता के पास पलायथा निवासी कोमल (6) पुत्री राजकुमार को बुखार होने पर 15 सितंबर को जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो खून की जांच व सीटी स्कैन करवाई गई। जांच में उसे मस्तिष्क ज्वर पाया गया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह कोमल की हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि बालिका की बेहतर तरीके से सार-संभाल नहीं हुई। रोग की गंभीरता के बारे में भी नहीं बताया गया।
इलाज करने वाले डॉक्टरों को दवा

शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आरके. गुलाटी ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर संक्रामक है। पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दवा देनी होती है। बालिका के परिजनों को भी दवा लेने की सलाह दी गई है। इलाज करने वाले 5 रेजीडेंट डॉक्टरों को भी दवा दी गई है।
एेसे पड़ता है असर
डॉ. दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर का बैक्टीरिया खून के जरिए मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। धीरे-धीरे पूरे शरीर में इसका असर हो जाता है। बुखार तेज होने पर रोगी शॉक में चला जाता है। इसमें रोगी का बीपी मेंटेन नहीं रह पाता है।
आगे की स्लाइड में देखें अस्पताल में हंगामा करते परिजन और समझाइश देते अधिकारी को