कोटा/बूंदी। बूंदी के सुवांसा कस्बे में लगे नसबंदी शिविर में ऑपरेशन करवाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने के पीछे कारण छोटी आंत में छेद होना था। कोटा के एमबीएस अस्पताल में बुधवार रात 3 बजे तक चले ऑपरेशन के बाद महिला की जान बचाई जा सकी। महिला को 72 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा हुआ है। सुवांसा पीएससी इंचार्ज डॉ. राजेंद्र त्रिलोकी के अनुसार मेडिकल जांच में सामने आया है कि नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत में कट लग गया था।
बाजड़ गांव निवासी 26 वर्षीय अनीता पत्नी फूलचंद बैरवा ने सुवांसा में लगे शिविर में मंगलवार को लेप्रोस्कोपी से नसबंदी का ऑपरेशन करवाया था। बुधवार को अनीता की हालत बिगड़ गई। एमबीएस में रात को सर्जन डॉ. संजय खारोलीवाल ने अनीता का ऑपरेशन किया। डॉ. खारोलीवाल के अनुसार ऑपरेशन के दौरान अनीता की छोटी आंत में छेद पाया गया। उसी की वजह से संक्रमण हुआ था। ऑपरेशन कर छेद बंद किया और पेट की सफाई की गई। अब उसकी पल्स और बीपी दोनों नॉर्मल हैं। अभी 72 घंटे रिस्की हैं, इसलिए आईसीयू में रखा है। कई बार लेप्रोस्कॉपी ऑपरेशन में निडिल से इस तरह का पंचर हो सकता है।
'सुवांसा डिस्पेंसरी में लगे शिविर में अनीता का नसबंदी ऑपरेशन हुआ था। कोटा में जांच में सामने आया कि ऑपरेशन के दौरान पेट की आंत में कट लग गया था।' -डॉ. राजेंद्र त्रिलोकी, सुवांसा पीएचसी इंचार्ज
'कोटा से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता लग पाएगा। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।' -डॉ. कैलाश मीणा, सीएमएचओ, बूंदी