कोटा। नगर निगम द्वारा शहर से आवारा पशुओं को पकड़कर जिस कायन हाउस में रखा जाता है। उसकी हालत भी इन दिनों काफी खराब चल रही है। मुख्य गेट से लेकर दोनों बाड़े तक हर ओर अव्यवस्थाओं की स्थिति बनी हुई है। हालत ये हैं कि यहां रहने वाली गायों को तो पशु आहार दिया ही नहीं जाता है। वहीं जिन गायों को बंधा गौशाला भेजा जाता है, उन्हें चढ़ाने वाले रैंप तक पर कबाड़े में पड़ा हुआ है। गायों को डंडे मार-मारकर ट्रकों में चढ़ाया जा रहा है। जिससे वे घायल तक हो जाती है।
किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में निगम उन गायों को रखता है जिन्हें वह शहर से विभिन्न स्थानों से आवारा घूमते हुए पकड़कर लाता है। कुछ दिन यहां रखने के बाद जब संख्या 50 से अधिक हो जाती है तो कमिश्नर की स्वीकृति लेकर उन्हें बंधा स्थित गौशाला भेज दिया जाता है। इस कायन हाउस में बने दोनों बाड़े गंदगी से अटे पड़े है। बाहर वाले बाड़े में पटान हो रहे हैं, जिस पर गोबर के कारण भयानक फिसलन हो रही थी। भीतर वाले बड़े बाड़े में खरंजा टूटा हुआ पड़ा था। मुख्य गेट में प्रवेश करते ही सामने शहर से उतारे गए अवैध होर्डिंग का ढेर पड़ा हुआ है। उसके नीचे दबा हुआ है गायों को चढ़ाने वाला रैंप। निगम के कर्मचारियों का गायों के प्रति रवैया यह हैं कि उन्हें चढ़ाने के लिए मजदूरों से भारी मशक्कत करवाना मंजूर है, लेकिन रैंप से कबाड़ हटाने में दिलचस्पी नहीं हैं।
पशु आहार के बारे में यहां निगम कर्मचारियों का कहना था कि इन गायों को एक सप्ताह से ज्यादा यहां नहीं रखा जाता है ऐसे में पशु आहार देने का कोई प्रावधान नहीं है। यहां केवल भूसा आता है वो भी गौशाला से ही आता है।
कायन हाउस का सोमवार को ही निरीक्षण करवाया जाएगा। वहां की व्यवस्थाएं भी सुधारी जाएगी। पशु आहार की क्या व्यवस्था है, इस बारे में अधिकारियों से बात करेंगे।
- महेश विजय, महापौर