पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

'मैडम हमारे मां-बाप ने ज्यादा पैसा खर्च करके अपराध कर दिया क्या'

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

कोटा. नगर निगम के नर्सिंग सहायक कोर्स के विरोध को शांत करने के लिए नर्सिंग कॉलेज पहुंची महापौर डॉ. रत्ना जैन को स्टूडेंट्स का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। स्टूडेंट्स ने कहा कि 'मैडम हमारे मां-बाप ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, हम ज्यादा पढ़ाई कर रहे हैं, फिर भी हमारा रोजगार मारा जा रहा है। महापौर ने उन्हें खूब समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं माने। अब निगम के कोर्स का दूसरा बैच खटाई में पड़ गया है।

सरकारी नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम व बीएससी नर्सिंग करने वाले छात्र-छात्रा व अस्पतालों में काम करने वाले नर्सिंग कर्मचारियों को विरोध को देखते हुए मंगलवार सुबह महापौर नर्सिंग कॉलेज में पहुंची। लेकिन, छात्र-छात्राओं व नर्सिंग कर्मियों ने कोर्स को लेकर उनकी ओर से दिए जा रहे तर्कों को नहीं माना और सवालों की झड़ी लगा दी।

नगर निगम ने स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के तहत यह कोर्स शुरू किया था, इसके मॉडल को मेयर ने तैयार किया था। जिसमें बीपीएल परिवार के युवाओं के उत्थान के उद्देश्य से नर्सिंग सहायक का तीन माह का सर्टिफिकेट कोर्स 2013 में शुरू किया था। 250 छात्र-छात्राओं का एक बैच भी निकल चुका है। जनवरी में दूसरा बैच शुरू होने से पहले ही बीएससी नर्सिंग व जीएनएम स्टूडेंट ने विरोध शुरू कर दिया।

मंगलवार को नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने महापौर पर सवालों की बौछार कर दी। इस दौरान महापौर की राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बिरधीलाल नागर, जिलाध्यक्ष सत्यपाल शर्मा, भगवान मीणा, रामरतन कुशवाह, राजेश गौतम व छीतरलाल मीणा से नोकझोंक भी हुई। नागर का कहना था कि जब कोर्स को नर्सिंग कौंसिंल से मान्यता नहीं है तो उसे लागू नहीं किया जा सकता। जबकि महापौर का कहना था कि कोर्स में नर्सिंग का नहीं, सहायक का काम सिखाया जा रहा है।

आगे की स्लाइड में पढ़िए क्या रहा मेयर का जवाब..