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डाउनलोड करेंकोटा. एमबीएस में कलर डॉप्लर जांच के लिए चार माह की वेटिंग चल रही है। भीमगंजमंडी के डडवाड़ा क्षेत्र के एक रोगी को मई की तारीख दी गई है। माचिस फैक्ट्री डडवाड़ा निवासी महेन्द्र (52) के बाएं पैर की अंगुली काली पड़ी हुई थी। जब वह भीमगंजमंडी सीएचसी में जांच के लिए पहुंचा तो डॉ. सुभाष मेहता ने उसका परीक्षण कर कलर डॉप्लर जांच लिखी। वह जांच करवाने एमबीएस के रेडियोडायग्नोसिस विभाग पहुंचा। जहां उसे 14 मई की तारीख दी गई। अस्पताल में यह जांच 500 रुपए में होती है। जबकि निजी केन्द्रों पर तीन हजार रुपए लगते हैं। रेडियोडायग्नोसिस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन दो ही कलर डॉप्लर जांच हो पाती है। जहां तक वेटिंग का सवाल है ज्यादा से ज्यादा 15 दिन की होती है। चार माह की वेटिंग काउंटर से दे दी गई होगी। इसका पता लगाया जाएगा। जांच करवाई जाएगी।
क्या है कलर डॉप्लर जांच
हाथ, पैर की नसों में खून का बहाव देखने के लिए कलर डॉप्लर जांच की जाती है। इसे सामान्य भाषा में नसों की सोनोग्राफी भी कहा जाता है। इस जांच में यह पता लग जाता है कि नसों में कहीं खून तो जमा नहीं है।
डॉक्टर की कमी
एमबीएस रेडियोडायग्नोसिस विभाग में एक ही एसोसिएट डॉक्टर धर्मराज मीणा हैं। उन्हें एमबीएस के अलावा जेके लोन में भी सोनोग्राफी को देखना होता है। साथ ही उन्हें महीने में 15 दिन कोर्ट में तारीख-पेशी पर भी जाना होता है।
-डॉ. एआर.गुप्ता, अधीक्षक एमबीएस
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