कोटा। महापौर, उपमहापौर अौर पार्षदों के सम्मान काे एक कार्यक्रम रविवार को राजनीति का मंच बन गया। मंच से बोल रहे विधायक प्रहलाद गुंजल ने पूर्व महापौर डॉ. रत्ना जैन के काम में अड़ंगा लगाने का आरोप खुद कांग्रेस और उसके एक मंत्री पर लगा दिया। यह बात वहां बैठे कांग्रेसी पार्षद दिलीप पाठक को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने भाषण के बीच ही खड़े होकर विधायक गुंजल का विरोध किया। इस पर भाजपा पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने मोर्चा संभाला और कह दिया कि पाठक यहां से जाना चाहते हैं तो चले जाएं। इस पर पाठक कार्यक्रम से चले गए। समता भवन में मानव कल्याण समिति के कार्यक्रम में गुंजल ने कहा कि पिछली महापौर डॉ. जैन ने खुद कहा था कि वे काम करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें काम नहीं करने दिया। कांग्रेस पार्षद दिलीप पाठक ने कहा कि यह सम्मान समारोह है, इसमें कांग्रेस की बुराई क्यों की जा रही है।
'इसी आदत के चलते 43 से 6 पार्षद रह गए'
इस पर भाजपा पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, चंदू
सोनी व नीरज बोल पड़े, 'जो कहना है कार्यक्रम के बाद में बोलना, यह गरिमा के खिलाफ है। तुम्हारे नेता धारीवाल अपने हिसाब से चले, महापौर सहित किसी की नहीं सुनी। इसी आदत के कारण सभी जगह हारते रहे। अब 43 से 6 पार्षद रह गए।' इस पर पाठक कार्यक्रम छोड़कर चले गए।