कोटा। नगर निगम नए वित्तीय वर्ष में 286 करोड़ 50 लाख 26 हजार रुपए खर्च करेगा। बजट के प्रस्ताव को बुधवार को बोर्ड मीटिंग में पारित कर दिया गया। बजट में दशहरा मैदान को दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने के लिए 196 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
महापौर महेश विजय ने कहा कि वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी है। इसलिए दशहरा मैदान की बाउंड्रीवाल करवाई जा रही है। वहीं विकास के 11 कार्यों पर 34.50 करोड़ रुपए खर्च करने, 4.40 करोड़ रुपए से नई संपत्ति खरीदने तथा अनुदान से मिलने वाले 57.31 करोड़ रुपए विभिन्न मदों पर खर्च किए जाएंगे।
इन कामों पर होगा खर्च
विकास कार्यों पर: 91.70 करोड़ रुपए
सामान्य प्रशासन: 17.35 करोड़ रुपए
कर वसूली: 3.04 करोड़ रुपए
स्वास्थ्य एवं गैरिज: 92.50 करोड़ रुपए
सार्वजनिक रक्षा: 4.53 करोड़ रुपए
रोशनी: 10.20 करोड़ रुपए
गोशाला व कायन हाउस: 2.64 करोड़ रुपए
उद्यान: 8.92 करोड़ रुपए
सार्वजनिक निर्माण अनुभाग: 7. 11 करोड़ रुपए
अन्य व्यय: 4.65 करोड़ रुपए
(व्यय में विकास कार्य को छोड़कर शेष राशि का करीब 70 प्रतिशत कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन-भत्ते पर खर्च होता है।)
विकास के 6 काम भी होंगे
{निगम की सीमा में आए 35 गावों को मूलभूत सुविधाएं सड़क, सुलभ शौचालय से लेकर सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे।
{केंद्र सरकार की योजना के तहत 6 स्थानों पर पक्के आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। ताकि सालभर वहां लोगों के ठहरने की व्यवस्था हो सके।
{शहर के विज्ञाननगर, तलवंडी, महावीर नगर क्षेत्रों में सीवर लाइन बदलने का काम पूरा होगा।
{चंबल गार्डन, भीतरिया कुंड व गांधी उद्यान के सौंदर्यीकरण का काम पूरा किया जाएगा। नदी किनारे पर कलात्मक छतरियां बनाई जाएंगी।
{आगामी वित्तीय वर्ष में घर-घर कचरा संग्रहण की योजना को शुरू किया जाएगा।
{शहर के प्रत्येक विकसित पार्क में 4-4 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
आय के प्रमुख स्त्रोत
{चुंगी पुनर्भरण अनुदान: 1 अरब 23 करोड़ 90 लाख रुपए
{ नगरीय विकास कर: 4 करोड़ रुपए
{ बायलॉज लागू करने पर: 8.77 करोड़ रुपए
{ संपत्ति से किराया: 3.48 करोड़ रुपए
{ वाणिज्यिक संस्थानों से आय: 68 लाख रुपए
{ भूमि विक्रय से आय: 53.40 करोड़ रुपए
{ सरकार व अन्य अनुदान से: 57.31 करोड़ रुपए
{ विविध: 2.17 करोड़ रुपए