कोटा। अगर 2005 से पहले के 100, 500 या 1000 रुपए के नोट आपके पास पड़े हैं, तो तुरंत बैंक में जमा करा दें। बैंक 31 दिसंबर के बाद ऐसे नोटों को नहीं लेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी 2015 के बाद ऐसे नोटों को लेने से इनकार कर दिया है।
केन्द्र सरकार ने नकली करेंसी पर लगाम लगाने के लिए पिछले वर्ष 2005 से पहले छपे नोट वापस लेने का फैसला किया था। ऐसा करने से बाजार में मौजूद नकली नोट अपने आप बेकार हो जाएंगे। इससे उन नोटों की पहचान भी आसान हो जाएगी। पहले यह नोट 31 मार्च 2014 तक बदले जाने थे। बाद में सरकार ने अंतिम तारीख 1 जनवरी 2015 कर दी। अगर जनवरी तक यह नोट नहीं बदले तो बेकार हो जाएंगे। क्योंकि बैंक भी नहीं लेगा।
ऐसे पहचानें 2005 से पहले के नोट
वर्ष 2005 के पहले के नोटों को पहचानना बहुत ही आसान है। 2005 के पहले छपे नोटों पर प्रिंटिंग का साल नहीं छपा है। वहीं 2005 के बाद छपे नोटों पर आप छपाई का वर्ष पढ़ सकते हैं।
शुरू में बदलवाए थे, फिर भूल गए लोग
पुराने नोट जमा कराने के लिए ग्राहकों को भटकने की जरूरत नहीं है। वह उस बैंक की ब्रांच में ये नोट जमा करा सकते हैं, जहां उसका खाता है। बैंकों की सभी शाखाओं में 2005 के पहले के नोट बदलने की प्रक्रिया जारी है। बैंक अधिकारियों के अनुसार इन नोटों को बदलने वाले लोगों की संख्या शुरू में तो बढ़ी थी, बाद में समय गुजरने के साथ ही लोग भूल गए।
'वर्ष 2005 के पहले के 100, 500 या 1 हजार के नोट जिस भी ग्राहक के पास हैं, वह 31 दिसंबर तक बैंक में जमा करा दें। ग्राहक का खाता जिस ब्रांच में है, वहां जाकर अपने खाते में जमा करा दें या फिर चाहे बदल लें। यह सुविधा सभी बैंकों की ब्रांचों में है।' -आरके जैन, सहायक महाप्रबंधक, एसबीबीजे
(लाल घेरे वाली जगह यदि प्रिंट का वर्ष लिखा है तो यह 2005 के बाद का नोट है और नहीं लिखा है तो 2005 से पहले का नोट)