पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अपनों को छोड़ा, आम लोगों को दौड़ाया, बिना हेलमेट वालों पर की सख्ती

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोटा. बिना हेलमेट चलने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के दूसरे ही दिन पुलिस विवादों के घेरों में आ गई है। मंगलवार को कई जगह ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट के चल रहे अपने विभाग के कर्मियों को छोड़ दिया और आम जनों को दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा।
कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के कोटा उत्तर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष अनूप कुमार और ट्रैफिक पुलिस के बीच बैराज रोड पर चालान बनाने को लेकर विवाद हो गया। अनूप का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उनकी पत्नी से भी अभद्रता की। इससे गुस्साए कांग्रेसियों ने कैथूनीपोल थाने पर प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दी है।
सकतपुरा निवासी अनूप ने बताया कि वे सुबह बेटी को दिखाने पत्नी के साथ तलवंडी गए थे। लौटते समय बैराज रोड पर गेट के पास पुलिसकर्मियों ने बाइक की चाबी निकाल ली। वे लाइसेंस मांगने लगे। अनूप ने दोस्त को फोन कर लाइसेंस मंगाया।
इसके बावजूद पुलिसकर्मियों का कहना था कि हेलमेट और लाइसेंस का चालान बनेगा। उन्होंने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने बाइक के हैंडिल को जोर से हिला दिया। इससे बाइक पर बैठी पत्नी और बेटी गिर गईं।
आरोप लगाया गया कि उसके बाद एएसआई भंवरलाल ने अनूप के बाल पकड़ लिए और उन्हें जबरन पुलिस की जीप में पटक दिया। पुलिस उन्हें कैथूनीपोल थाने पर छोड़कर चली गई। इसके बाद कांग्रेसियों ने थाने पर प्रदर्शन किया।
सीधे घर क्यों नहीं भेजे जा रहे हैं चालान

वाहनों से चाबी निकालने की बजाय पुलिस को नंबर नोट करके चालान घर भेजने चाहिए। पुलिस ने पहले ऐसी व्यवस्था की थी, लेकिन वह धीमी हो गई। जयपुर और भोपाल जैसे शहरों में पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से नंबर नोट कर सीधे घर पर चालान भेजती है। जयपुर में तो पुलिस की सख्ती के चलते पीछे बैठने वाले भी हेलमेट लगाने लगे हैं।
किसने क्या कहा-
' अनूप को हेलमेट के लिए रोका था, उससे चालान बनाने के लिए कहा तो वह कांग्रेस का पदाधिकारी होने की बात कहकर धमकाने लगा। उसके बाद उसने हंगामा शुरू कर दिया। उसने चार-पांच युवक भी बुला लिए और बीच सड़क पर हंगामा करते हुए रास्ता जाम करने लगा। उसे मना किया तो उसने नहीं सुनी। उसके बाद उसे पकड़कर जीप में बैठाकर थाने पर छोड़ा। वह मारपीट व अभद्रता के गलत आरोप लगा रहा है।'
- भंवरलाल, एएसआई
पुलिस का चालान करने का तरीका गलत

' वाहनों का चालान करना तो ठीक है, लेकिन बीच सड़क पर जबरन रोकना और चाबी निकालने का तरीका गलत है। जबरन गाड़ी से चाबी निकालने पर उनके खिलाफ लूट का मामला दर्ज कराया जा सकता है। पुलिस नहीं करे तो कोर्ट से इस्तगासा किया जा सकता है।'
- ब्रह्मानंद शर्मा, एडवोकेट
ऐसा करने को नहीं कहा
' चालान बनाने के लिए वाहन चालक को रोकना पड़ता है। पुलिसकर्मियों को चाबी निकलने के लिए नहीं कह रखा है। अगर कोई भागने की कोशिश करता है, तब उसकी चाबी निकालने की कोशिश पुलिसकर्मी कर रहे होंगे, जिससे वह भागे नहीं और हादसा नहीं हो। हर व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं हो सकता। पुलिस घर पर चालान भेजने की कार्रवाई निरंतर जारी रखे हुए है।'
-मनीष अग्रवाल, कार्यवाहक एसपी
आगे की स्लाइडों मेें देखें बेधड़क घूम रहे पुलिस वालों और परेशान रहे लोगों को