कोटा। स्वीकृति के विपरीत गुमानपुरा की टीचर्स कॉलोनी व सिविल लाइन में बन रही बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई नहीं करने से खफा सार्वजनिक निर्माण मंत्री भरतसिंह बुधवार को स्वयं निगम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सीईओ दिनेश जैन को कार्रवाई नहीं करने पर आड़े हाथों लिया और अपने साथ लेकर टीचर्स कॉलोनी में बन रही इमारत पर पहुंचे। सिंह ने उन्हें वहां हो रहे अवैध निर्माण को दिखाते हुए कहा कि 10 बार मैंने आपसे शिकायत की, 3 बार यूडीएच सचिव जीएस संधू से कहा फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं की तो दुबारा आऊंगा। सीईओ दिनेश जैन शहर में अतिक्रमण हटाने के बारे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे, पूर्व में अतिक्रमण समिति की अध्यक्ष इस प्रकार आरोप लगा चुकी हैं। देहदानियों के लिए पार्क बनाने की मांग को लेकर उनसे मिलने गए युवकों के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। उन्होंने यहां तक कहा था कि वे कोटा में नहीं रहना चाहते। बुधवार को जब मंत्री ने उनसे कहा कि क्या वे कोटा में नहीं रहना चाहते तो जैन ने फिर कहां, हां मैं तो यहां से जाना चाहता हूं।
गुमानपुरा की टीचर्स कॉलोनी में मल्टीस्टोरी बनाने के लिए निगम ने सुदर्शन विजय को 8 जून 2011 को स्वीकृति दी थी, इसी प्रकार सिविल लाइन्स में बी-41 पर महेन्द्र दीक्षित व वीरेंद्र गुप्ता को जी-प्लस थ्री की अनुमति दी थी। इसमें टीचर्स कॉलोनी की इमारत निर्माण मंत्री भरतसिंह के मकान के पीछे तथा सिविल लाइन्स में उनके भाई दीपसिंह के मकान के पीछे बन रही है।
इनमें नक्शे के विपरीत निर्माण होने पर सिंह ने निगम सीईओ को कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने लगभग दस बार शिकायत की, लेकिन निगम की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। इससे खफा होकर बुधवार को सिंह स्वयं निगम कार्यालय जा पहुंचे।
जैसे ही इसकी सूचना मिली, सीईओ दिनेश जैन, आयुक्त आरडी मीणा व भवानीसिंह पालावत दरवाजे पर खड़े हो गए। मंत्री सिंह ने उनके कक्ष में बैठकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया, कहा 10 बार शिकायत कर दी, फिर भी कार्रवाई नहीं कर रहे। अब कहते हो मेरे हाथ में नहीं है, तो फिर किसके हाथ में है, कार्रवाई करना। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। पर यह ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा।