कोटा। आप दूरस्थ शिक्षा से एमबीए या ग्रेजुएशन कोर्स कर रहे हैं तो स्टडी मेटेरियल या किताबें पढ़ने की बजाय घर बैठे कंप्यूटर पर कोर्स के सभी मनपसंद टॉपिक निशुल्क पढ़ सकेंगे। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी जल्द ही छात्रों के लिए ओपन एजुकेशन रिसोर्स (ओईआर) सिस्टम लागू करेगा, जिससे यहां के 100 कोर्स के हजारों स्टूडेंट्स किसी भी लेक्चरर के नोट्स या महंगी से महंगी ऑनलाइन किताबें मुफ्त में पढ़ सकेंगे।
यूनिवर्सिटी के वेब पोर्टल पर कोर्स मेटेरियल उपलब्ध होने से किताबें नहीं मिलने की समस्या भी खत्म हो जाएगी। ओईआर पर 17 मई को एक नेशनल वर्कशॉप होगी, जिसमें कॉमन वैल्थ ऑफ लर्निग,कनाडा की एजेंसी सीईएमसीए, नईदिल्ली के निदेशक संजीव मिश्रा मुख्य वक्ता होंगे। इसमें कई विशेषज्ञ ओपन सोर्स इन एजुकेशन पर चर्चा करेंगे।
कम हो जाएगी फीस
कुलपति प्रो.विनय पाठक के अनुसार, छात्रों को अच्छी क्वालिटी का कोर्स मेटेरियल उपलब्ध कराने के लिए स्टडी मेटेरियल को ओपन सोर्स किया जाएगा। वर्चुअल यूनिवर्सिटी की तरह कोई भी लेक्चरर या लेखक अपने नोट्स या लेक्चर वेब पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इसमें पेटेंट भी उन्हीं का रहेगा। इसके बाद किताबों का खर्च छात्रों की फीस में से कम कर दिया जाएगा।
प्रिंट ऑन डिमांड लागू करेंगे
मैनेजमेंट विभाग व प्रिंटिंग डिवीजन के प्रभारी प्रो.पीके शर्मा के अनुसार, अभी यूनिवर्सिटी में 100 से ज्यादा प्रोग्राम के स्टडी मेटेरियल छपवाने पर करीब 2 करोड़ रुपए सालाना खर्च होते हैं। इनमें से कई किताबें उपयोग नहीं होने से बेकार हो जाती हैं। मूवी ऑन डिमांड की तरह प्रिंट ऑन डिमांड सिस्टम लागू करने से यूनिवर्सिटी के प्रिंटिंग विभाग को लाखों रुपए की बचत होगी। केवल उतनी ही किताबें प्रकाशित की जाएंगी, जितनी जरूरत होगी।