कोटा। गुरुवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जब 18 साल के छात्र को हार्टअटैक की जानकारी मिली। बिहार का रहने वाला यह कोचिंग छात्र सुबह 8 बजे उल्टी और घबराहट की शिकायत लेकर सुधा अस्पताल पहुंचा था। डॉ. यशस्वी गौतम ने उसकी ईसीजी करवाई। रिपोर्ट में पता चला कि हृदय की धड़कन बीच-बीच में काफी तेज हो जा रही है।
यह जानकारी जब उसके मकान मालिक को दी गई तो हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। छात्र की यह हालत देख हम सभी हैरान थे। बिना परिजनों की स्वीकृति के उसका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता था और वे यहां मौजूद नहीं थे। जब कुछ समझ में नहीं आया तो उनसे एसएमएस के जरिए इलाज की परमिशन ली गई। इसके बाद तुरंत उसकी एंजियोप्लास्टी की गई।
हार्ट की मुख्य धमनी से करीब 5 सेमी लंबा खून का थक्का निकाला गया। तब जाकर उसकी स्थिति नियंत्रित हुई। फिर दो स्टेंट डालकर धमनी में खून का पुन: प्रवाह चालू किया गया। हम लोग उसके परिजनों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, हालांकि उसके मामा अहमदाबाद से यहां पहुंच चुके हैं। हालांकि 18 साल के युवक को दिल का दौरा हो सकता है, लेकिन हैरानी इस बात से थी कि इस छात्र को प्रतिस्पर्धा और तनाव की वजह से दौरा पड़ा। आखिर मां-बाप और कोचिंग संस्थान उम्मीदों का इतना दबाव बच्चों पर क्यों डाल रहे हैं, इसमें सुधार करना होगा।
कोटा में कोचिंग कर रहे छात्रों को यह जानना जरूरी
18 साल की उम्र में हार्ट अटैक हो सकता है, लेकिन...
-जन्मजात विकृति होने पर
-इंफेक्शन से हार्ट में सूजन होने पर
-ड्रग एडिक्ट होने पर
इस केस में क्या हुआ
छात्र के परिजनों ने फोन पर बताया कि वह दो साल से आईआईटी की कोचिंग कर रहा है। पिछले साल चयनित नहीं हो पाने से अत्यधिक तनाव में रहता था। उसका वजन भी लगभग 80 किग्रा था। परिवार में हृदय संबंधित बीमािरयों की कोई हिस्ट्री नहीं है। इसके अलावा इस उम्र में हार्टअटैक के लिए जिम्मेदार अन्य रिस्क फैक्टर नहीं थे।
अस्पताल प्रशासन अब इस केस पर गहन जांच भी करेगा। डॉक्टरों को कहना है कि बहुत ज्यादा कॉम्पटीशन का माहौल और कोचिंग संस्थानों में तनाव दूर करने का माहौल नहीं होने से भी यह स्थिति खड़ी हुई।
ऐसे पहचानें तनाव मानसिक लक्षण
-अकेले रहना
-बिना बात के चिड़चिड़ापन
-उदास रहना
-नींद बार-बार टूटना
-एनर्जी लेवल कम होना
-किसी भी काम में मन नहीं लगना
-जल्दी भावुक होना
शारीरिक लक्षण
-हृदय गति तेज होना
-सीने में दर्द की शिकायत
-पसीना आना
-एकाग्रता में कमी
-बेहोशी आना
तरीके, जिनसे दूर होगा तनाव
-20 मिनट मेडिटेशन
-हर दिन आधे घंटे एक्सरसाइज, इससे पॉजििटव हार्मोन स्रावित होंगे
-रिलेक्स होने के लिए खुशनुमा म्यूजिक या अन्य मनोरंजन आदि
-( मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर देवेंद्र विजयवर्गीय के अनुसार)
कोचिंग की जिम्मेदारी
हर कोचिंग संस्थान स्ट्रेस मैनेजमेंट सेल खोले। खेलकूद व नियमित व्यायाम करवाया जाएं, डाइट की सलाह के लिए डॉक्टर रखें।
रिजल्ट के बाद क्या करें:
कई बच्चों आईआईटी में सलेक्शन नहीं होने से गलत कदम उठा लेते हैं। दरअसल, इसी समय पैरेंट्स का रोल महत्वपूर्ण हो जाता है। आईआईटी को छोड़कर अन्य विकल्पों पर गौर करना चाहिए। एनआईटी और आईआईटी नहीं भी मिला तो भी कॅरियर के कई आप्शन खुले होते हैं।