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तीन घंटे की बजट बैठक में दो घंटे पिछले प्रस्तावों की पुष्टि में ही बर्बाद हो गए

6 वर्ष पहले
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कोटा। नगर निगम बोर्ड की बुधवार को आयोजित विशेष बैठक निगम के बजट पर विचार-विमर्श कर उसे पारित करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में 65 में से 53 पार्षद ही पहुंचे और आधे समय तो ज्यादातर पार्षद बोले ही नहीं। दोपहर 3.10 बजे से 6 बजे तक चली बैठक में करीब 2 घंटे तक पार्षद पिछली बैठक की पुष्टि में ही उलझे रहे। महापौर महेश विजय ने पिछली बैठक की पुष्टि की बात कही तो पार्षदों ने पिछली बैठक में उठे मुद्दों पर बहस शुरू कर दी। बीच-बीच में पार्षद अपने क्षेत्र की सीवरेज लाइन, सफाई व्यवस्था, आवारा कुत्तों का आतंक, गोशाला, मिनिट्स में खामियां आदि मुद्दों पर ही अपनी एनर्जी लगाते रहे। जब बजट की कार्रवाई शुरू हुई तब बजट पर 10 पार्षदों ने ही बहस की और अपने विचार रखे।

आधे पार्षद पूरे समय चुपचाप बैठे रहे बैठक में 21 महिला पार्षदों में से मात्र दो पार्षद उपमहापौर सुनीता व्यास व रेखा लखारा ही बोलीं बाकी 19 मौन बैठी रहीं। पुरुष पार्षदों में से भी राममोहन मित्रा, मोहम्मद हुसैन, राकेश पुटरा, रामलाल भील आदि पार्षद मौन बैठे रहे।
बजट बैठक में ये मुद्‌दे रहे हावी
दशहरा मेला की जांच कमेटी पर आपत्ति
रमेश चतुर्वेदी- महापौर मेले की जांच के लिए बनाई समिति आपको क्यों रिपोर्ट करें। सदन में रिपोर्ट रखनी चाहिए।
दिलीप पाठक- जांच समिति में कांग्रेस व निर्दलीय पार्षद को भी शामिल करो।
गोपाल मंडा- क्यों शामिल करें। आरोप भी कांग्रेस पर है।
महापौर- अरे सभी को बोलने दो, बोलने की पूरी स्वतंत्रता है।
मिनिट्स में कई त्रुटियां
बृजेश शर्मा नीटू - पिछली बैठक की पुष्टि कर देंगे, लेकिन प्रोसिडिंग में त्रुटियां है।
महापौर- मिनिट्स सही नोट करें।
सीईओ- महत्वपूर्ण बिंदु ही शामिल हैं।
नीटू - मिनिट्स का मतलब पूरी कार्रवाई होता है न कि महत्वपूर्ण बिंदु।
पिछली बैठक पर मांगा जवाब
पवन अग्रवाल- नगरीय परिवहन का मामला अधूरा है, खाद्य सुरक्षा की सूची में पते ही नहीं हैं।
सीईओ- नगरीय परिवहन के लिए कंपनी बनाई जा रही है उसके बाद टेंडर होंगे। खाद्य सुरक्षा के लिए सर्वे करवाया जाएगा।
भवन निर्माण 450 फाइलें अटकी, जूते घिस रहे हैं
गोपाल मंडा- भवन निर्माण की स्वीकृति की 450 फाइलें पिछले मार्च से अटकी हैं। एक फाइल पर दो जोड़ी जूते घिस जाते हैं।
लल्ली: 2 नहीं 10 जोड़ी जूते घिस जाते हैं।
नीटू - स्वीकृति अटका रहे हैं और बिना स्वीकृति मल्टीस्टोरीज बन रही हैं।
महापौर- इस विषय पर विचार हो रहा है।
सीईओ- 30 मार्च तक सभी फाइलें निकाल दी जाएंगी।
सामुदायिक भवन पर कब्जा
अतुल कौशल- खंड गावड़ी में सामुदायिक भवन पर ठेकेदार का कब्जा हो रहा है। उसका उद्‌घाटन तक नहीं हो रहा।
महापौर- कल ही उसे खाली करवाया जाएगा।

सड़क की खुदाई क्यों
उपमहापौर सुनीता व्यास- केबल डालने वाले बिना नियम के केबल डाल रहे हैं। जिससे करंट का खतरा है।
अनिल सुवालका- खुदाई कर ही कैसे रहे हैं। निगम रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज करवा रहा है।

आय बढ़ाने के लिए मांगे जवाब
पार्षद नरेंद्र सिंह हाड़ा ने सवालों की बौछार लगा दी। उन्होंने पूछा कि शहर में कितने होर्डिंग अवैध है, कितनी भूमि निगम के पास है, निगम की सीमा में जो गांव आए है उनकी कितनी जमीन निगम को मिली।
आय के मद काल्पनिक
राखी गौतम- ये बजट काल्पनिक है। आय के कई मद कल्पना से भरे हैं।
महापौर- चिंता न करो काम होगा। मंडा- पिछले बोर्ड का बजट कल्पना वाला था। इस बजट में कल्पना वाली मदों से 28 करोड़ रुपए कम किए हैं। जो अच्छा है।
नीटू - काल्पनिक बजट है, रजिस्ट्री पर आधा प्रतिशत कर मिलता है वो नहीं मिल रहा। पिछले बोर्ड में पीछे पड़े तो 85 लाख रुपए आए थे। निगम के पास कोई लैंड बैंक नहीं है तो फिर जमीन बेचने से आय कैसे होगी। अभी भी 1 अरब 35 लाख रुपए यूआईटी से लेना है। 13 वें वित्त आयोग में 10 करोड़ रुपए रखा है ये कहां खर्च होंगे। ऐसी कई मद है जिसमें आय जीरो है, लेकिन दर्शा रखी है।
(फोटो- नगर निगम बोर्ड बैठक में दशहरा मैदान के विकास की चर्चा के दौरान भाजपा पार्षद प्रकाश सैनी, अतुल कौशल और नीटू अापस में उलझ गए।)