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टूरिज्म ब्रोशर देख पहुंचे तो देखा मेला शुरू ही नहीं हुआ, परेशान हो रहा टूरिस्ट

7 वर्ष पहले
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कोटा. बिजनेस से रिटायरमेंट लेने के बाद मुंबई से एक बुजुर्ग राजस्थान घूमने निकले, लेकिन पर्यटन विभाग के ब्रोशर ने उनको परेशान कर दिया। नागौर का मेला देखने पहुंचे तो पता चला कि मेला ही खत्म हो गया। अब दशहरा मेला देखने पहुंचे तो यह देख चकरा गए कि मेला शुरू ही नहीं हुआ।
मौके पर उन्होंने देखा कि अभी तो बांस बल्लियाें से दुकानें बनाने का ही काम चल रहा है। वे कहते हैं कि आखिर अब 5 दिन तक कोटा में क्या करूं। मुंबई निवासी प्रशांत जोशी राजस्थान टूरिज्म के ब्रोशर में छपे टाइम टेबल के अनुसार राजस्थान घूमने आए तो उन्हें इस तरह की स्थिति से दो-चार होना पड़ा।

राजस्थान टूरिज्म विभाग की ओर से वर्ष 2014 का ब्रोशर जारी किया गया है, उसमें कोटा के दशहरा मेले का समय एक से 3 अक्टूबर का दे रखा है। इसी प्रकार नागौर मेले का समय 6 से 9 फरवरी लिखा हुआ है। इस ब्रोशर की गलती के कारण जोशी दो बार परेशान हो चुके हैं।
अपने खुद के बिजनेस से रिटायरमेंट लेने के बाद जोशी पिछले साल से देश भ्रमण पर निकले हुए हैं। फरवरी में नागौर का मेला देखने के लिए वे 6 फरवरी को नागौर पहुंचे तो वहां मेले की दुकानें हटाई जा रही थीं। उन्होंने मेले के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि मेला तो खत्म हो गया।
रामलीला और राम बारात ही देख लो
पिछली घटना को ध्यान में रखकर वे कोटा का दशहरा मेला देखने के लिए ब्रोशर के टाइम टेबल से दो दिन पहले ही कोटा पहुंच गए। सोमवार को कोटा आने के बाद वे स्टेशन से मेले के लिए ऑटो में सवार हुए।
ऑटो चालक ने सीएडी चौराहे पर लाकर छोड़ दिया। काफी देर तक दशहरा मैदान में चक्कर काटने के बाद जब उन्हें कहीं कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वे नगर निगम ऑफिस पहुंचे। वहां उन्हें पार्षद जिग्नेश शाह मिले, जोशी ने उन्हें अपनी समस्या बताई।
यहां पर शाह ने भी उन्हें बताया कि मेला तो 3 अक्टूबर से शुरू होगा, अभी रामलीला व राम बरात जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। वे दो दिन तक इन्हें देख सकते हैं।

' पहले एक से 3 अक्टूबर तक चंबल एडवेंचर का कार्यक्रम था दशहरे मेले के साथ। ब्रोशर में वही पुराना कार्यक्रम प्रकाशित हो गया। बाद में तारीखों में संशोधन किया गया था। संभवत: इसी कारण से विरोधाभास हुआ है।'

- एनके अलावदा, डिप्टी डायरेक्टर, पर्यटन विभाग
आगे की स्लाइड में देखें जारी किए गए उस कैलेंडर को जिससे परेशानी हुई