कोटा। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पिछले सालों में अब तक 74 वन्यजीवों की मौत हुई है। जबकि एक जंगली सुअर का शिकार किया गया है। सूचना के अधिकार में मांगी जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है।
सबसे अधिक दरा में 36, जवाहर सागर में 11 और कोलीपुरा में 27 वन्यजीवों की मौत हुई है। ट्रेन व सड़क हादसों के अलावा कुत्तों के हमले, पानी में डूबने, स्वाभाविक और बीमारी से भी वन्यजीवों की मौतें हुई हैं।
विभाग की ओर से दी गई जानकारी में कोलीपुरा में 3 दिसंबर 2008 को जंगली सुअर के शिकार का मामला बताया है। रिजर्व एरिया में सड़क हादसों और शिकार में कई अन्य वन्यजीवों की मौतें हुई है, लेकिन विभाग ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी।
पानी में डूबने से मरे थे तीन सांभर
जून 2010 में रिजर्व के दरा एनिकट में पानी में डूबने से तीन सांभर की मौत हो गई थी। वहीं, जवाहर सागर में कुएं में गिरने से जंगली सुअर ने भी दम तोड़ दिया था।
बघेरा, चीतल से लेकर चौसिंगा की मौत
9 सितंबर 2005 से 25 जनवरी 2014 तक हुई मौतों में चीतल से लेकर चौसिंगा, बघेरा, चिंकारा, जंगली सुअर, सियार, जरख, मगरमच्छ, सांभर, पाटागोह, नीलगाय, खरगोश, मोर, बंदर, जंगली बिल्ली, नेवला शामिल हैं।
सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त
' रिजर्व एरिया में वन्यजीवों की सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त है। रिजर्व में रेगुलर गश्त, नाकों पर चौकसी और आमजन में जागरुकता होने से शिकार पर रोक लगी है। '
-राजीव कपूर, एसीएफ