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नरेंद्र सिंह कहते थे, मौत होगी तो बम फटने से और छत्तीसगढ़ में ही होगी, हुआ वैसा ही...

Nagour News - कांकेर के जंगलवार ट्रेनिंग सेंटर में हादसा आज पैतृक गांव पहुंचेगी पार्थिव देह भास्करसंवाददाता |...

Dainik Bhaskar

May 12, 2016, 05:25 AM IST
कांकेर। गश्त के दौरान बम खोजते नरेंद्र सिंह। कांकेर। गश्त के दौरान बम खोजते नरेंद्र सिंह।
नागौर। नागौर जिले के लाडनूं क्षेत्र के बांदेड़ गांव निवासी नरेंद्र सिंह चौधरी की बुधवार को ग्रेनेड फटने के दौरान मौत हो गई। वे छत्तीसगढ़ के कांकेर में बम डिफ्यूज करने की ट्रेनिंग दे रहे थे। चौधरी ने नक्सल इलाके में अब तक 256 बम डिफ्यूज किए थे।
वे हमेशा कहते थे कि अगर उनकी मौत हुई तो बम फटने से ही होगी और छत्तीसगढ़ में ही होगी। हुआ भी वैसा ही। जैसे ही उनकी मौत की खबर फैली, उनके सारे साथी उनकी इस बात को याद करने लगे। सीटीजेडब्ल्यू कालेज में सुबह पौने 9 बजे ट्रेनिंग चल रही थी। नरेंद्र सिंह को बम डिफ्यूज करने वाले स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है।
मूलत: राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले नरेंद्र सिंह चौधरी 48 साल के थे। उन्हें जाट रेजिमेंट के बाद 2005 में जंगलवार कालेज, कांकेर में तैनात किया गया था। यहां वे प्रमोट होकर नाॅन कमीशन आॅफिसर, प्लाटून कमांडर हो गए थे। उनके साथी उन्हें अपने गुरु के रूप में याद कर रहे हैं।
बहादुरी | पूरी टीम को दूर रखते थे और खुद बम डिफ्यूज करते थे
ब्रिगेडियर बीके पोनवार ने कुछ यादें साझा करते हुए बताया कि नरेंद्र हमेशा कहते थे कि जरा सी चूक हुई, तो दोबारा चांस नहीं मिलेगा। मुझे तो लगता है कि किसी दिन कोई चूक मेरी भी जान न ले ले। इतना कहने के बाद हंस पड़ते। नरेंद्र सिंह इतने निडर थे कि वे पूरी टीम को बम से दूर रखते और खुद पास जाकर डिफ्यूज करते।
रिस्क लेने में उनका कोई सानी नहीं था। चौधरी को बम निकालने में एेसी महारत थी कि बम देखते ही वह बता देते कि बम जमीन से बाहर आएगा या फिर उसे वहीं डिफ्यूज करना है। जंगलवार कालेज में तैनात होने के बाद उन्होंने अब तक 256 बमों को डिफ्यूज किया था। उन्हें उनके साथी स्टील मैन के नाम से भी बुलाते थे।
256 बम डिफ्यूज किए तो साथी बुलाने लगे ‘स्टील मैन’
नक्सलियों के टारगेट में थे
जंगलवार कालेज में तैनाती के बाद से नरेंद्र सिंह नक्सलियों के टारगेट में थे। उन्होंने नक्सलियों की कई योजनाओं को ध्वस्त किया। कई बम निकाले। नक्सली उनसे परेशान थे। इससे उनके मंसूबों पर पानी फिरता जा रहा था। इसके चलते वे नक्सलियों की हिट लिस्ट में आ गए थे। 2008 में नरेंद्र सिंह के नाम कोंडे के निकट पर्चे भी फेंके थे।
अंतागढ़ के पास बड़ी सफलता
वर्ष 2008 में भानुप्रतापपुर मार्ग में अंतागढ़ के ठीक पहले लामकन्हार गांव में उन्हें बड़ी कामयाबी मिली थी। यहां नक्सलियों ने 50 किलो से ज्यादा की बारूदी सुरंग बिछाई थी, जिसे निकाल पाना मुश्किल था। नरेंद्र सिंह चौधरी ने बारूदी सुरंग को वहीं डिफ्यूज किया था, जिससे 10 मीटर दायरे की सड़क पूरी तरह उखड़ गई थी और करीब पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया था। अगर यह बम फटता तो बस के भी परखच्चे उड़ जाते।
ऐसे हुआ हादसा
नरेंद्र सिंह चौधरी ने ग्रेनेड फेंका। सात सैकेंड बाद भी जब वह नहीं फटा, तो नरेंद्र सिंह उसे देखने धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। वे ग्रेनेड से करीब 30 मीटर की दूरी पर ही थे, कि वह अचानक फट गया और उसका एक टुकड़ा सीधे नरेंद्र सिंह की दाहिनी आंख से होते हुए अंदर जा धंसा। वे वहीं गिर पड़े। वहीं उनकी मौत हो गई। उनकी पार्थिव देह को नागौर के लिए रवाना किया। उनके गांव में गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अधूरा रह गया ट्रैक पर दौड़ने का सपना
टीम के सदस्यों ने बताया कि जंगल में गश्त करने के बाद जब फुरसत में कहीं आराम करते तो, वह बताते थे कि उन्होंने राजस्थान के नागौर जिले के अपने गृह गांव बांदेड़ बाकलिया में एक फार्म हाऊस बनाया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो रिटायरमेंट के बाद मैं वहीं रहकर अपनी पूरी जिंदगी बिताऊंगा और वहां ट्रैक बनाकर उस पर दौड़ा करूंगा।
नरेंद्र सिंह चौधरी। नरेंद्र सिंह चौधरी।
कांकेर। कॉउंटर टेररिज्म जंगलवाॅरफेयर (सीटीजेडब्ल्यू) काॅलेज में बम निरोधक दस्ते के प्रमुख प्लाटून कमांडर नरेंद्र सिंह चौधरी को सलामी देते पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा। कांकेर। कॉउंटर टेररिज्म जंगलवाॅरफेयर (सीटीजेडब्ल्यू) काॅलेज में बम निरोधक दस्ते के प्रमुख प्लाटून कमांडर नरेंद्र सिंह चौधरी को सलामी देते पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा।
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कांकेर। गश्त के दौरान बम खोजते नरेंद्र सिंह।कांकेर। गश्त के दौरान बम खोजते नरेंद्र सिंह।
नरेंद्र सिंह चौधरी।नरेंद्र सिंह चौधरी।
कांकेर। कॉउंटर टेररिज्म जंगलवाॅरफेयर (सीटीजेडब्ल्यू) काॅलेज में बम निरोधक दस्ते के प्रमुख प्लाटून कमांडर नरेंद्र सिंह चौधरी को सलामी देते पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा।कांकेर। कॉउंटर टेररिज्म जंगलवाॅरफेयर (सीटीजेडब्ल्यू) काॅलेज में बम निरोधक दस्ते के प्रमुख प्लाटून कमांडर नरेंद्र सिंह चौधरी को सलामी देते पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा।
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