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तीसरे दिन तक चौकियों स्थापना, दो साल से ठेका नहीं हुआ तो मृतक पशु उठाने में भी परेशानी

5 वर्ष पहले
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प्रसिद्धश्री रामदेव पशु मेले को में जिला प्रशासन पशुपालक विभाग की तरफ से व्यवस्था को लेकर शुरूआत में ही सवाल उठने लगे है। 28 को शुरू हुए 12 दिन तक चलने वाले इस मेले में तीसरे दिन तक व्यवस्था को लेकर हालात ऐसे थे की मेले में व्यवस्था संभालने वाला तो पूरा स्टाफ पहुंच पाया ही आवश्यकता के हिसाब से सभी जगहों पर रोशनी की व्यवस्था हो पाई। मेले में व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही तब सामने आई, जब हरियाणा के एक पशुपालक राजू सिंह का बैल मेला मैदान में बीमारी को लेकर खत्म हो गया, लेकिन सुबह खत्म हुए मृतक पशु को उठाने के लिए शाम तक पशुपालक द्वारा कमेटी अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बाद भी उठाने की व्यवस्था तक हो पाई। हरियाणा से पहुंचे पशुपालक राजू सिंह ने बताया कि वह मैला मैदान में अपने बैल के बीमार होने को लेकर यहां मौजूद पशुपालन अधिकारी को इलाज के लिए कई बार कहा, लेकिन इसके बाद उसका बैल खत्म हो गया। उसके बाद मृतक बैल को उठाने के लिए भी उनको कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। इधर, अधिकारियों ने बताया कि पशु मेले में पिछले दो साल से हड्डी का ठेका नहीं होने के कारण ऐसी परेशानी हो रही है। संयुक्त निदेशक तेजाराम मेघवाल ने बताया कि मृतक पशुओं को उठाने को लेकर नगर परिषद को सूचित किया था, लेकिन उसके ठेका कर्मचारी देरी के कारण आने से ऐसा हुआ।

संभागसे बुलाया स्टाफ, आधा ही नहीं पहुंचा

मेलेमें विभिन्न प्रकार के कार्य को लेकर यहां पहुंचे पशुपालकों के लिए व्यवस्था संभालने को लेकर अजमेर संभाग स्तर के जिलों से करीब 100 से ज्यादा कर्मचारियों अधिकारियों यहां पहुंचना था। लेकिन तीसरे दिन तक हालात ऐसे थे कि आधा ही स्टाफ नहीं पहुंचा। इस कारण चौकियों की स्थापना तीसरे दिन तक हो पाई। इधर, सफेद चिट्ठी आरंभ कार्य सोमवार से शुरू होना था भी नहीं हो पाया। ऐसे में मेला मैदान में पशुओं को लेकर पहुंचे पशुपालकों के लिए व्यवस्था संभालने वालों की कमी होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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