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6 माह पहले दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार नहीं, चौथा जांच अधिकारी आज रिटायर्ड

5 वर्ष पहले
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डराकर दुष्कर्म, अश्लील क्लिप बनाई थी

अलायगांव की पीड़िता का पति दूसरे शहर में नौकरी करता है। पीड़िता को आरोपी शिक्षक कैलाश विश्नोई, कांस्टेबल सुभाष ग्रामीण सही राम ने डराकर दुष्कर्म किया अश्लील क्लिप बनाई। मामला खुलने पर पीड़िता के पति ने श्रीबालाजी थाने में रिपोर्ट दी। तब से अब कार्रवाई नहीं हुई है।

मैंरिटायर्ड हो रहा हूं, फाइल एसपी के पास भेज दी: मामलेकी जांच मेरे पास थी। फाइल 2 बार महिला आयोग और पुलिस मुख्यालय की ओर से मांगी गई थी। इसके चलते मेरे पास फाइल कम समय रही। अभी फाइल नागौर है। आरोपियों का डीएनए टेस्ट हुआ है। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। मैं 31 जनवरी को रिटायर्ड हो रहा हूं।

बड़ी बात : डीएनए सैंपल को बनाया बहाना

इसमामले में बड़ा पेच यह भी है कि दुष्कर्म पीड़िता के पति ने आरोप लगाया था कि पीड़िता के गर्भ में जो बच्चा था वह आरोपियों का है। नवजात की पैदा होते ही मौत हो गई। नवजात के डीएनए सैंपल लेकर भेजे गए। मगर आरोपियों के डीएनए सैंपल लेने में 5 माह की देरी की। यही नहीं आरोपी जब डीएनए सैंपल देने पहुंचे तो उन्हें जांच पूरी नहीं होने का कहकर गिरफ्तार भी नहीं किया गया।

1. जयपुर से अजमेर के बीच 19 चक्कर: पीड़िताके परिजनों का कहना है कि उन्होंने डीजी, महिला आयोग, एडीजी स्तर पर 15 बार जयपुर के चक्कर लगाए। अजमेर आईजी के पास चार बार गए। हर बार उन्हें जांच बदलने की बात कहकर रवाना कर दिया गया। जन सुनवाई में शामिल होने की रसीदें भी इनके पास हैं।

2.आयोग अध्यक्ष के निर्देश दरकिनार: दोमाह पहले महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा नागौर आई थीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की। मामले में जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग अध्यक्ष के सामने पुलिस अधिकारियों ने हां भरी। जैसे ही नागौर से रवाना हुई तो पुलिस ने पुराने ढर्रे पर ही जांच को रखा।

जांच में देरी की वजह

हरबार दबाव बना, जांच अधिकारी बदले, कार्रवाई कुछ नहीं

भास्कर संवाददाता | नागौर

अलायमें एक विवाहित महिला से 6 माह पहले सामूहिक दुष्कर्म हुआ। आरोपी शिक्षक, कांस्टेबल समेत तीन लोग थे। महिला आयोग से लेकर डीजी तक यह मामला पहुंचा। आईजी एडीजी स्तर पर 11 बार सुनवाई हुई। चार जांच अधिकारी भी बदले जा चुके हैं। चौथ जांच अधिकारी भी मंगलवार को रिटायर्ड हो रहा है।

मगर अब तक इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। यहां तक कि संबंधित विभागों ने भी आरोपियों के डयूटी से अनुपस्थित रहने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया। अलाय में विवाहित महिला से दुष्कर्म मामले को भले ही नागौर पुलिस ने हल्के में लिया हो। मगर इस मामले ने पुलिस विभाग में लापरवाही की सारी हदें सामने गई हैं। दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने की बजाय पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को जांच के नाम पर ऐसा उलझाया कि आज जांच करने वाले अधिकारी सेवानिवृत तक हो रहे हैं, मगर जांच आज भी पूरी नहीं है। विवाहिता के परिजनों ने बड़ा आरोप लगाया है कि उनके मामले को दबाने के लिए रुपयों और राजनीतिक दबाव का खेल चला है। मगर उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई है।

जांचके बाद होगा खुलासा

^जांचबदली थी। एक बार एसपी ऑफिस और एक बार आईजी कार्यालय के आदेशों के बाद। डीएनए सैंपल लिए गए हैं। जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा। परिसदेशमुख, एसपी, नागौर

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