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3096 आदर्श स्कूलों का करना था निरीक्षण, 33 जिलों के अधिकारी 536 पर ही अटके

5 वर्ष पहले
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प्रदेशमें द्वितीय चरण की 3096 आदर्श स्कूलों के निरीक्षण के आदेश अधिकारी दरकिनार करते नजर रहे है। हालात ये है कि आदेशों को डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी 33 जिलों के अधिकारी 536 स्कूलों का ही निरीक्षण कर पाए है। जबकि ये कार्य 15 फरवरी तक पूरा करना है। ये आदेश राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक जस्सा राम चौधरी ने पिछले साल दिसंबर माह में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एडीपीसी को दिए थे।

जिलेवार द्वितीय चरण की आदर्श स्कूलों की अवलोकन रिपोर्ट इन अधिकारियों को 15 फरवरी तक हर हाल में शाला दर्पण पोर्टल पर फीडिंग करने के आदेश है। लेकिन 3 फरवरी तक विभाग की तरफ से जिलेवार जारी प्रगति रिपोर्ट चौंकाने वाली सामने आई है। हालात यह है कि अवलोकन के शेष समय में केवल 7 दिन ही बचे है। ऐसे में इन अधिकारियों को अब भी 2560 स्कूलों का निरीक्षण करना बाकी है।

जिम्मेदारों ने आदेशों के डेढ़ माह बाद अब तक केवल 536 स्कूलों का ही 3 फरवरी तक अवलोकन कर रिपोर्ट शाला दर्पण पर फीड की है। ऐसे में विभाग के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक ने 3 फरवरी को दुबारा आदेश जारी कर सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों एडीपीसी को 15 फरवरी तक स्कूलों का अवलोकन कर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने का कहा है।

^जिले की 157 द्वितीय चरण की आदर्श स्कूलों के निरीक्षण को लेकर आदेश मिले थे। मैंने 15 स्कूलों का निरीक्षण कर 5 की फीडिंग कर दी है, बाकी का कार्य जारी है। बाकी स्कूलों का निरीक्षण दोनों डीईओ, 4 एडीईओ तीन पीओ को करना है। -वीणासोलंकी, एडीपीसी, रमसा, नागौर।

जानिए निरीक्षण का सच: चितौड़गढ़49 में से शून्य, जयपुर 289 में से मात्र 5 स्कूलों का अवलोकन

3फरवरी को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी जिलेवार निरीक्षण की प्रगति रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में चितौड़गढ़ ऐसा जिला है, जहां द्वितीय चरण की 49 आदर्श स्कूलों में से अब तक जिम्मेदारों ने एक भी स्कूल का अवलोकन नहीं किया है। दूसरे नंबर पर जयपुर जिला है। यहां 289 में से केवल 5 स्कूलों तक ही अधिकारी पहुंचे है। वहीं बांसवाड़ा की 51 में से 2 प्रतिशत, नागौर की 157 में से केवल 5 यानी 3.2 प्रतिशत, उदयपुर की 112 में से 7, जोधपुर की 126 में से 9 तथा सीकर की 224 में से 19, अलवर की 232 में से 20 स्कूलाें का अवलोकन किया गया है।

क्या करना था

आदेशोंमें दिए गए प्रपत्र में संबंधित निरीक्षण करने वाले अधिकारी को स्कूल में कुल कितना स्टाफ है, हैडमास्टर द्वारा लीडरशिप, सैकंड ग्रेड शिक्षक द्वारा विषय अध्यापक तथा प्राथमिक शिक्षकों की एसआईक्यूई की ट्रेनिंग की जानकारी, प्रतिनियुक्ति स्थिति, कुल नामांकन में से मौके पर विद्यार्थियों की उपस्थिति, 5वीं 9वीं कक्षा के बच्चों से सीधे सवाल उनकी रिपोर्ट, भौतिक स्थिति में पुस्तकालय, पानी, शौचालय, ग्रीन बोर्ड की स्थिति आवश्यकता, किस चीज की कमी, अगर कमी है तो किस स्तर से पूर्ति होनी है, बायोमेट्रिक मशीन लगी या नहीं, प्रपत्र के अंतिम में अधिमत में हैडमास्टर निरीक्षणकर्ता के साइन होंगे।

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