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शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने लगा नागौर, इंजीनियरिंग मेडिकल के क्षेत्र में भी युवाओं ने बढ़ाया मान

4 वर्ष पहले
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12वीं के बाद मेडिकल इंजीनियरिंग में अनेक विकल्प

{एकेडमी के अनुसार संस्थान से 64 विद्यार्थियों का नीट 2017 में हुआ चयन। 12 वीं विज्ञान बोर्ड परीक्षा में 48 विद्यार्थियों ने 80 % अंक हासिल किए है।

{ मैंने संस्कार एकेडमी में प्रवेश लिया। यहां की फैकल्टी टीम ने मुझे सदैव जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं क्लाश के बाद भी समस्याओं का समाधान कर टीम ने सदैव मेरी परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने में मेरी हर संभव मदद की। दिनेशजांदू, ऊंटवालिया,(एसएनएमसी, जोधपुर)

{ विज्ञान विषय बच्चों को बेहद जटिल लगता है। लेकिन अगर इसके कन्सप्ट्स सही क्लियर हो तो विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई में कहीं दिक्कत नहीं होगी। संस्कार एकेडमी में यही प्रयास किया जाता है कि बच्चे के मन में विज्ञान का डर निकाला जाए। ताकि वह अच्छे अंक हासिल कर सके।

अरविंदमिश्रा, भीलवाड़ा(मैथ्स एचओडी, संस्कार)

{ है कठिन यह मार्ग लेकिन, अनवरत हम बढ़ रहे हैं

इन प्रबलतम आंधियों से, हम निरंतर लड़ रहे हैं।

साधना साकार कर दे, बस यही निश्चय ठाना है,

चिर विजय की कामना है, कर्म ही आराधना है।

{ जब आप 12वीं पास करके कॉलेज में जाते हैं तो वहां आपके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब आगे क्या करना है। सामान्यतः आर्टस के छात्र BA, कॉमर्स के छात्र B.com और विज्ञान संकाय के छात्र B.sc करते हैं। किन्तु इसके आलावा भी बहुत सारे विकल्प है 12वीं कक्षा के बाद। जिनमें विद्यार्थी अपना शानदार कॅरियर बना सकते है। जिनमें प्रमुख रूप से मेडिकल और इंजीनियरिंग शामिल है।

मेडिकल: कईलोग मेडिकल फील्ड को सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर बनने से जोड़कर देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं हैं। इस फील्ड में बहुत विकल्प है कई तरह की नौकरियां या व्यवसाय आप मेडिकल की पढ़ाई के बाद कर सकते हैं। इस फील्ड में जाने के लिए आपका 12वीं में भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन-शास्त (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) ये तीन विषय होना अनिवार्य हैं। समय-समय पर होने वाले प्रवेश परीक्षाओं को पास करके आप इस फील्ड में प्रवेश पा सकते हैं और शानदार कॅरियर बना सकते हैं।

इंजीनियरिंग: इंजीनियरिंगएक बहुत अच्छा प्रोफेशन है, इस क्षेत्र में कई छात्र देश विदेश में नाम कमा रहें हैं। इंजीनियर बनने के लिए 12वीं में भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन-शास्त (Chemistry) और गणित (Mathematics) इन तीनों विषयों का होना अनिवार्य हैं। इंजीनियरिंग में प्रवेश पाने के लिए JEE Main, JEE Advance, AIEEE, ENAT, NEAT जैसे कई सारे एग्जाम होते है जो आपको इंजीनियरिंग में प्रवेश दिला सकते हैं।

{ संस्कार एकेडमी के अनुसार नागाैर के विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई, आईएएस, आरएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर उनकी एकेडमी में ही हर विषय विशेषज्ञा की उपलब्धता की है। ताकि विद्यार्थियों के सपनांे को पूरा करने में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए। एकेडमी के अनुसार ऊर्जावान अभिभावकों के सपनों को पूरा करने का संकल्प उन्होंने लिया है, जिसके लिए वे हमेशा प्रयासरत रहेंगे।

{ संस्कार एकेडमी का अनुशासित वातावरण यहां की टीम का मार्गदर्शन सदैव मेरे लिए यादगार रहेगा। क्योंकि यहीं से ही मैंने अपने लक्ष्य को हासिल करने का दृढ़ निश्चय किया। यहां की फैकल्टी टीम के प्रोत्साहन से मुझे लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा मिली।

प्रेमारामनायक, कांगसिया,(एसएनएमसी, जोधपुर)

{ संस्कार एकेडमी में विद्यार्थियों को मेडिकल जैसी सेवाओं में आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जाता है। क्योंकि विज्ञान केवल रटने का विषय नहीं, बल्कि समझने का विषय है। यही वजह है कि यहां बच्चे को इसी ट्रिक नोट्स के आधार पर तैयारी कराई जाती है।

संजयसैनी, झुंझुनूं(फिजिक्स एचओडी, संस्कार)

संस्कार एकेडमी के प्रबंध निदेशक प्रदीप ग्वाला बताते हैं कि सफलता का मार्ग सामान्य मार्ग से इतर होता है। जब तक विशिष्टता नहीं हो, तब तक सफल हो पाना संभव नहीं है। सामान्य परंपरा से भिन्न मार्ग का अनुसरण करते हुए परमपिता परमेश्वर की अनुकंपा से माता-पिता के आशीर्वाद से तथा नागौर जिले के विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर ही नागौर में शिक्षा के क्षेत्र में हमने अनूठी पहल प्रारंभ हुई। पहले नागौर में रहकर नागौर की शिक्षा द्वारा बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाना दिवा स्वप्न लगता था। इस दिवा स्वप्न को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए एवं शिक्षा के महत्व को जानते हुए बच्चों की कल्पना रूपी विचारों को पंख प्रदान करने के लिए हमने आज से पांच साल पहले प्रयास किए। वर्तमान समय में शिक्षा या विद्या का अर्थ परीक्षाओं के बड़े-बड़े नामों बड़ी-बड़ी डिग्रियों के साथ जोड़ा जाता है। इसलिए हमने भी इसी बात को ध्यान में रखकर नागौर में रहकर ही नागौर के विद्यार्थियों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाने का पूरा प्रयास किया। जिसका परिणाम भी सार्थक ही रहा। वैसे तो इस क्षेत्र में कई बड़े शहर बड़े संस्थानों के साथ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं किंतु संस्कार कई मायनों में उनसे अलग है। संस्कारएकेडमी के गुरुकुलीय वातावरण में बच्चों को संस्कारों के साथ गढ़ा जाता है। विद्यार्थी की आकांक्षाओं को फैकल्टी द्वारा स्पष्ट स्वरूप प्रदान किया जाता है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम ही बार-बार सबके मुख से सहज ही निकलता है। पर्याप्त एवं अत्याधुनिक तकनीकी से युक्त कक्षा, वातानुकूलित व्यवस्था, अनुभवी एवं प्रशिक्षित टीम एवं उनका पारिवारिक वातावरण विद्यार्थियों को संबल देता है। संस्कारएकेडमी में छात्र केंद्रित शिक्षा का वातावरण रखा जाता है। इसके अलावा यहां वाहन सुविधा, छात्रावास सुविधा भी उन विद्यार्थियों के लिए है, जिनकी पहुंच सुलभ नहीं है। वर्तमान युग प्रतिस्पर्धात्मक युग है। इस युग में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। इसी को ध्यान में रखकर संस्कार एकेडमी बुनियादी एवं रोजगारपरक शिक्षा भी प्रदान करता है। वे बताते हैं कि इसी का नतीजा है कि प्रतिवर्ष सैकड़ों की संख्या में संस्कार एकेडमी के विद्यार्थी आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, नर्सिंग, एनडीए आदि सेवाओं में चयनित होकर अपना तथा नागौर का नाम रोशन कर रहे हैं। कई विद्यार्थी जयपुर तथा दिल्ली जाकर आरएएस तथा आईएएस जैसी प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इन सब कार्यों का उद्देश्य मात्र यही कि ना-गौर किए जाने वाले अपणायत युक्त इस जिले पर सबका गौर करवाना। किंतु इस लक्ष्य में हम अनवरत इसी भाव से बढ़ रहे हैं। इस बार की विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम में भी संस्कार एकेडमी की मेहनत का प्रत्यक्ष उदाहरण है। नीट 2017 की आयोजित परीक्षा में संस्कार एकेडमी के 64 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। इनमें से 8 विद्यार्थियों ने 500 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं जो एक कीर्तिमान है। इसके अलावा आरपीवीटी में संस्कार एकेडमी के 18 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। यह भी एक कीर्तिमान है। एम्स नर्सिंग में संस्कार एकेडमी के 4 विद्यार्थियों का चयन होना एकेडमी का शिक्षा के प्रति समर्पण का जीता जागता उदाहरण है। 10वीं तथा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम तथा सीबीएसई के परिणाम स्वयं संस्कार की प्रतिभाओं को समाज के सामने अंकों के रूप में बयां करते हैं। इन नौनिहालों को यही के परिवेश में ढाल कर सफल बनाने का जो स्वर्णिम कदम हमने उठाया है उसमें विजयश्री ही प्राप्त करेंगे क्योंकि- कदम निरंतर बढ़ते जिनके, श्रम जिनका अविराम है। विजय सुनिश्चित होती उनकी, घोषित यह परिणाम है।।

इसी लक्ष्य को हम पूरा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे, इसके लिए संस्कार टीम संकल्पित है।

> एकेडमी प्रबंधन के अनुसार विद्यार्थियों के लिए एकेडमी में समय-समय पर मोटिवेशनल सेमिनार भी आयोजित कराए जाते है। ताकि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए अपना अध्ययन निरंतर जारी रखे। साथ ही परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल कर अपने परिवार, संस्थान के अलावा जिले का मान बढ़ा सके। इसके अलावा प्रत्येक विद्यार्थी की पढ़ाई पर नजर रखी जाती है। ताकि औसत विद्यार्थी को अतिरिक्त समय देकर उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

> एकेडमीकी अोर से विद्यार्थियों में पढ़ाई काे लेकर होने वाले तनाव को कम करने के लिए फाउंडेशन कोर्सेज तैयार कर उनकी पढ़ाई को सरल बनाने का प्रयास किया जाता है। इतना ही नहीं उन्हें डेली नोट्स तैयार कर भी दिए जाते है। ताकि वह सरल तरीके से उसे समझ सके। इन सबके अलावा उसे टॉपर बनाने के लिए हर सप्ताह टेस्ट भी लिया जाता है। ताकि उसका रीविजन होने के साथ-साथ उसे लंबे समय तक वह याद भी रह सके।

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