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संसाधनोंकी कमी बन रही हादसों का कारण
ठेकेपर चल रहे क्षेत्र के जीएसएस पर कार्यरत कार्मिकों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होते हैं। ऐसे में हादसों की संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी ठेकेदार के कार्य क्षेत्र वाले पूनास जीएसएस में भी पिछले साल करंट लगने से कार्मिक की मौत हो गई थी। सूत्रों के अनुसार ठेके पर चल रहे जीएसएस में रबर सीट, दस्ताने सहित करंट से बचाव के साधनों का अभाव रहता है। ठेकेदार बासनी निवासी रामनिवास की देखरेख में चल रहे पूनास बच्छवारी जीएसएस में सात महीने में करंट से कार्मिक के मरने की यह दूसरी घटना है। करीब 7 महीने पहले पूनास जीएसएस पर कार्यरत कार्मिक की भी लाइन जोड़ते समय करंट लगने से मृत्यु हुई थी।
पीएचक्यूने...
इसदौरान तकनीकी जानकारी मिलने के बाद नए आदेश जारी किए गए।
यहहै मामला
पुलिसमहानिदेशक मनोज भट्ट ने बुधवार शाम एक आदेश जारी कर अजमेर रेंज के चार जिलों में हालिया हुई कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल पदोन्नति को रद्द कर दिया था। अजमेर रेंज से जुड़े चारों जिलों, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक नागौर में पदोन्नति को रद्द कर दिया गया है। देर रात को जैसे ही यह आदेश नागौर पहुंचे तो नागौर एसपी ने जोधपुर में हैड कांस्टेबल का प्रशिक्षण ले रहे सभी 57 कांस्टेबलों को प्रशिक्षण छोड़कर वापस नागौर आने के निर्देश जारी कर दिए थे।