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नकल रोकने को केंद्रों पर लगाए जैमर, सिग्नल सीमा 40 की जगह 200 मीटर की, शहर में 5:30 घंटे मोबाइल ठप

5 वर्ष पहले
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पटवारीभर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए। जैमर शहरवासियों के लिए आफत बन गए। तय गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा केंद्र के 40 मीटर के अंदर ही नेटवर्क जाम होना था, लेकिन शहर में बने 23 केंद्रों पर ऐसी गफलत रही कि पूरो शहर में साढ़े पांच घंटे नेटवर्क जाम हो गया। शहरवासी परेशान होते रहे।

राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से शनिवार को करवाई गई पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान मोबाइल, ब्लूटूथ सहित नेट से जुड़े सभी उपकरणों को जाम करने के लिए सभी केंद्रों के प्रत्येक कमरों में जैमर लगाए गए थे, ताकि नकल को रोका जा सके।

गड़बड़ीक्या हुई

जैमरलगाने के लिए जिस कंपनी को वर्क ऑर्डर दिए गए थे। उसमें जैमर की शिल्डिंग रेडियस (परिरक्षण त्रिज्या) 40 मीटर, सिग्नल स्ट्रेंथ -75 डीबीएम रखनी थी। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के अनुसार अधिक जैमर होने से नकारात्मक प्रभाव बढ़ा और परिरक्षण त्रिज्या बढ़कर 200 मीटर से अधिक हो गई। केंद्र से भी 200 मीटर दूर तक असर रहा।

ऐेसेहुई 5:30 घंटे परेशानी

बोर्डके आदेश थे कि परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले और परीक्षा संपन्न होने के 30 मिनट बाद तक जैमर एक्टिव रखे जाएं। इस वजह से सुबह 10 से दोपहर 3:30 बजे तक जैमर एक्टिव रहे। जबकि अभ्यर्थियों को तो दोपहर 12 से 3 बजे तक ही पेपर देना था। शेषपेज 17 पर

5 करोड़ खर्च किए थे, तय सीमा से ज्यादा खोले जैमर

कितने सेंटरों पर लगे थे जैमर : प्रदेशके 2798 केंद्र, करीब 41970 जैमर लगाए (औसत 1 सेंटर पर 15)

परीक्षाकी फीस से आय : 37करोड़ 66 लाख 10 हजार रुपए।

जैमरकंपनी को दिया ठेका

प्रतिअभ्यर्थी 59 रुपए (जैमर किराया)

8लाख 18 हजार 719 अभ्यर्थियों से लिए : 4करोड़ 91 लाख रुपए (जैमर किराया)

कुचामन सिटी| पटवारीभर्ती परीक्षा संपन्न होते ही शनिवार को घर जाने की जल्दी में हालात ऐसे थे कि यात्रियों की भीड़ के आगे बस ही छिप गई।

यह हुआ | शहरमें 23 परीक्षा केंद्र थे। भौगोलिक दृष्टि से ये परीक्षा केंद्र शहर के चारों तरफ आए हुए थे।

>प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर औसतन 15 जैमर लगे थे। कहीं पर बड़े हॉल होने की वजह से 3 या 4 जैमर भी लगाए।

मनोज चौधरी

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