लोन निस्तारण का समझौता ठुकराने का मैनेजर पर आरोप
शहर के न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन न्यायालय परिसर में हुआ। इस दौरान बैंक लोन का एक मामला ऐसा भी आया, जिसमें लोक अदालत द्वारा सेटलमेंट राशि घोषित करने के मैनेजर ने मौके पर पहुंचकर सेटलमेंट से इनकार कर दिया। परिवादी की ओर से ये आरोप भी लगाया गया कि मैनेजर उसे लंबे समय से घर आकर भी तंग करता है पठानों का मोहल्ला निवासी मोहम्मद अकबर का आरोप है कि वर्ष 2011 में प|ी प्रवीण बानो के नाम से बीओबी बैंक से 50 हजार रुपए का लोन उठाया। ये लोन उसने अपनी किराणा दुकान में सामग्री के लिए उठाया था। उसने अगस्त 2015 तक बैंक के 41 हजार 500 रुपए चुका दिए। उसकी रसीद भी उसने शिकायत के साथ पेश की। फिर भी बैंक के ब्याज सहित 30 हजार रुपए बाकी चल रहे थे। परिवादी अकबर ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले बैंक मैनेजर ने बकाया रुपए चुकाने को लेकर बहस की।
ऋणीकरता है आनाकानी
^पार्टीपूरे रुपए देने में सक्षम है, फिर भी आनाकानी कर रही है। लोक अदालत ने मामले में क्या कहा मुझे जानकारी नहीं। मैं कभी अकबर के घर नहीं गया। हमारे ऑफिसर ही जाते है। अकबर खुद ही झगड़ा करता है। पवनकाला, शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा नागौर।