डॉक्टर पर लिंग परीक्षण का दबाव डाला तो सायरन बजेगा, तत्काल कार्रवाई
लिंगपरीक्षण के लिए डॉक्टर पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। सोनोग्राफी सेंटर में दबाव महसूस होने पर डॉक्टर रेड अलर्ट का स्विच दबाएंगे। इसका सीधा लिंक स्टेट कार्यालय से रहेगा। वहां सूचना पहुंचते ही एक टीम भिजवाई जाएगी, जो 24 घंटे में जांच कर डॉक्टर पर लिंग परीक्षण के लिए दबाव बनाने वालों को पकड़ने का काम करेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। जिसका लिंक सोनोग्राफी सेंटर ऑफिस में रहेगा। शेषपेज 15 पर
मुखबिर योजना के तहत मिलेगा नकद पुरस्कार
लिंगजांच कराने वाले परिजनों को पकड़वाने वाले डॉक्टर को मुखबिर योजना के तहत नकद पुरस्कार देंगे। दबाव बनाने वालों को जेल की सजा होगी। पकड़े जाने वाले परिजन को तीन माह की सजा, एक हजार रुपए जुर्माना लगेगा। डिकॉय साबित होने पर संबंधित डॉक्टर को दो लाख रुपए का इनाम भी मिलेगा।
बिना अनुमति नहीं बदलेगी सोनोग्राफी मशीन की जगह
सोनोग्राफीमशीनों पर जीपीएस सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। एक बार जिस जगह पर सोनोग्राफी मशीन लग जाएगी। उसका बाद में जगह परिवर्तन बिना चिकित्सा विभाग की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। गुपचुप मशीन की जगह बदलेगा तो विभाग संचालक के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
24 घंटे में ही पकड़ में जाएगा आरोपी
रेडअलर्ट होते ही इसका मैसेज स्टेट समुचित प्राधिकारी के पास चला जाएगा। खास बात यह है कि लिंग परीक्षण के लिए दबाव बनाने वाले को कानों-कान इसकी खबर तक नहीं होगी। इधर, स्टेट में बैठा अधिकारी तुरंत स्थानीय टीम को रवाना कर इसकी जांच कराएगा और 24 घंटे में लिंग जांच कराने वाले परिजन को पकड़ लिया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से ये विशेष प्रयास किया जा रहे है।