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नागौर जेल में लगे 25 सीसीटीवी कैमरे जल्द ही वीडियो कॉफ्रेंसिंग भी होगी शुरू
जिलाजेल इन दिनों हाइटेक हो रही है। बंदियों पर निगरानी के लिए जेल प्रशासन ने 25 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इनमें से 8 कैमरे पीटीजेड (चारों तरफ घूमने वाले) कैमरे लगाए गए हैं। यहीं नहीं विशेष परिस्थितियों में बंदियों की जेल से ही सीधी पेशी के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था भी हो चुकी है। इसके लिए सारा सेटअप तो लग चुका है, केवल इंटरनेट की लीज लाइन का कार्य बाकी है। जेल प्रशासन की हाइटेक होने के लिए तीसरा कदम ये है कि यहां मोबाइल जैमर के लिए सर्वे हो चुका है। अगले वित्तीय वर्ष में इसके लगने की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रदेश की सभी सेंट्रल जेलों में तो सीसीटीवी कैमरे और जैमर लग चुके हैं। जिला जेलों में भी कैमरों का काम पूरा हो ही चुका है। लेकिन नागौर जेल को हाइटेक करने के पीछे मुख्य रूप से आनंदपाल गैंग सहित अन्य हार्ड कोर अपराधियों पर नजर रखना है। जेल में इन दिनों आनंदपाल के आधा दर्जन गुर्गे बंद हैं। साथ ही कुछ हार्डकोर अपराधी भी है। जेल में अभी 120 पुरुष 6 महिला बंदी है।
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वीडियो काॅफ्रेंस से हो सकेगी पेशी
जेलके बाहर एक क्वार्टर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए सारे सिस्टम का सेटअप किया गया है। इसके लिए एक कैमरा विथ मॉनिटर और साउंड सिस्टम को लगाया गया है। एक समय में एक व्यक्ति के बैठने की यहां व्यवस्था है। इंटरनेट के लिए लीज लाइन का सेटअप का काम बाकी है। इसके लिए बीएसएनएल की ओएफसी केबल लगवाई जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए 4 एमबीपीएस की डाटा स्पीडी आवश्यक है। जल्द ही इसके शुरू होने के आसार है। इसके बाद इसे जेल परिसर के अंदर ही शिफ्ट किया जाएगा।
कैमरों से शुरू हुई मॉनिटरिंग
नागौरजेल में कुल 25 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसमें से 8 कैमरे पीटीजेड श्रेणी के हैं। बाकी सभी फिक्स कैमरे हैं। जेल के अंदर के परिसर में पांच बैरकों में से प्रत्येक में 1 - 1 कैमरा लगा है। इसके अलावा, एक कैमरा मैस, एक मुलाकात कक्ष और एक कैमरा ग्राउंड में लगा है। इस प्रकार बैरकों के अलावा जेल परिसर चौक में कुल 9 कैमरे लग हैं। वहीं महिला बैरक में कैमरा नहीं लगाया गया है। इसके अलावा बाकी कैमरे गेट के अंदर बाहर की तरफ चार दीवारी के अंदर का क्षेत्र कवर करते हैं। इनकी मॉनिटरिंग बाहर क्वार्टर में बने कंट्रोल रूम से होती है।
सीसी कैमरों से रखेंगे नजर
^नागौरजेल में इन दिनों कई हार्डकोर कुख्यात अपराधी बंद है। इन पर इन सीसीटीवी कैमरों से लगातार नजर बनाए रखी जा रही है। वीडियो सेटअप होने से कई बार गार्ड नहीं होने पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रमोदसिंह शेखावत, कार्यवाहक उपाधीक्षक, नागौर जेल।
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मोबाइल जैमर अगले वर्ष तक
नागौरजेल में मोबाइल जैमर लगने के रास्ते भी खुल चुके हैं। इसके लिए सर्वे हो चुका है। अगले वित्त वर्ष में इसके लिए बजट घोषित होने की संभावना है। इससे सुरक्षा मजबूत होगी।
नागौर. जेलमें लग गए हैं सीसीटीवी कैमरे।