सोनोग्राफी संचालक अब होनहार बेटियों की पढ़ाई में करेंगे सहयोग
जिलेके सोनोग्राफी सेंटर अब बेटी बचाने के साथ ही बेटियों को पढ़ाने का काम भी करेंगे। लाडो रानी योजना के बाद जिला प्रशासन की ओर से पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ तथा शिक्षा विभाग के साथ मिल कर किए जा रहे एक नवाचार के तहत माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई कर चुकी मेधावी छात्राओं को पढ़ाने का जिम्मा सोनोग्राफी सेंटर के संचालक लेंगे। इसके लिए ऐसी छात्राओं का चयन किया जाएगा जिन्हें अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने में कमजोर आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाली ऐसी मेधावी छात्राओं की उच्च शिक्षा पूरी कराने के लिए सोनोग्राफी सेंटर संचालकों के आर्थिक सहयोग से एक जिला स्तरीय काॅर्पस फंड तैयार किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर राजन विशाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटर संचालकों को आमंत्रित किया गया। बैठक में जिले के लगभग सभी सोनोग्राफी सेंटर के संचालक उपस्थित हुए। इस दौरान सोनोग्राफी संचालक इस योजना में जुड़ने के लिए स्वेच्छा से सहमत हुए।
नागौर. कलेक्ट्रेट में सोनोग्राफी संचालकों की बैठक लेते कलेक्टर।
सालभर में होंगे करीब 50 लाख रुपए
प्रारंभिकप्रारुप के अनुसार जिला स्तर पर एक काॅर्पस फंड तैयार किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक सोनोग्राफी संचालक प्रतिमाह 10 हजार रुपए की राशि का आर्थिक योगदान करेंगे। इससे वर्ष भर के लिए लगभग 50 लाख रुपए का फंड तैयार हो जाएगा। एक-एक सेंटर के हिसाब से एक-एक मेधावी छात्रा गोद ली जाएगी। इसकी उच्च शिक्षा के लिए पाठ्य सामग्री से लेकर फीस आदि इस फंड से भरी जाएगी। जिला स्तर पर एक सोसायटी पंजीकृत करवाई जाएगी। जो सभी छात्राओं की उच्च शिक्षा पूरी होने तक निगरानी प्रशासनिक देखरेख करेगी। इस सोसायटी में पीसीपीएनडीटी के पदाधिकारियों के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा प्रत्येक ब्लाक से सोनोग्राफी सेंटर संचालकों के प्रतिनिधि होंगे। शिक्षा विभाग ऐसी मेधावी छात्राओं की सूची तैयार करेगा जो आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पा रही हों। निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप चयन करते हुए ऐसी छात्राओं को इस फंड से आर्थिक मदद दी जाएगी।
प्रत्येकसेंटर हर माह देगा 10 हजार की सहायता
सोनोग्राफीसेंटर संचालकों से कलेक्टर राजन विशाल ने कहा कि एक मेधावी छात्रा को अपने उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा तो वह अवश्य सफल होगी और कई जिंदगियों को संवारेगी। एक सेंटर की ओर से हर माह किया जाने वाला 10 हजार रुपए का आर्थिक योगदान मानव संसाधन के विकास के लिए भी एक बहुत महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।
उन्होंने कहा कि सभी सेंटर संचालक इस योजना से जुड़ेंगे तो हम जिले में लिंगानुपात बाल लिंगानुपात को संतुलित करने के साथ-साथ हमारी बच्चियों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य में सफल होंगे। एक महीने से पूर्व ही सोसायटी के गठन एवं कार्ययोजना तैयार कर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आगामी सत्र से ही मेधावी छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। बैठक में सहायक कलक्टर एएच गौरी, सीएमएचओ डाॅ. सुकुमार कश्यप सहित बड़ी संख्या में सोनोग्राफी संचालक थे।