सूफी के दर पर सूफियाना कलाम, संदल की रस्म, पहला उर्स आज
गुस्लसंदल की रस्म के साथ हजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी के आस्ताना शरीफ के पास सोमवार शाम को जब कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया तो पूरा मंजर रूहानी हो उठा। जियारत करने पहुंचे अकीदतमंद सूफी के दरबार में पहुंचते ही सूफियाना मंजर के ऐसे दीवाने हुए कि आस्ताना शरीफ के पास पुरखुलूस मजमा लग गया।
आम खास सभी ने इस मंजर में खु़द को सूफी के हवाले कर दिया। ख्वाजा गरीब नवाज के खास खलीफा हजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी (रहमतुल्लाह अलैह) के 764 वें सालाना उर्स के तहत पहला उर्स मंगलवार को होगा। रविवार को ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराने की रस्म के बाद सोमवार तड़के चार बजे आस्ताना शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की। शाम को आस्ताना औलिया पर संदल पेश किया गया।
दरगाह के सज्जादा नशीन पीर अब्दुल बाकी चिश्ती के साथ दरगाह के खादिमों यहां वर्षों से इस रस्म में शामिल होने रहे अकीदतमंदों ने शिरकत की। शाम को कव्वाली कार्यक्रम, फातेहा ख्वानी शिजरा ख्वानी के बाद तबर्रुक तक्सीम की गई। महिफले शिमां कार्यक्रम दरगाह डोडी शरीफ के सज्जादा नशीन पीर गुलाम हुसैन की जेरे कयादत में हुआ।
इस मौके पर विधायक हबीबुर्रहमान अशरफी लांबा ने शिरकत की। विधायक ने हजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी की मजार शरीफ पर अकीदत के फूल पेश किए। रात को ईशां की नमाज के बाद महफिले सिमा कार्यक्रम सज्जादा नशीन पीर अब्दुल बाकी के निवास पर भी हुआ।
नागौर. दरगाहरोजापीर में हजरत हमीदुद्दीन खुई के उर्स के तहत चादर पेश करते सभापति तथा दरगाह हजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी के उर्स के तहत महफिले समां में शामिल विधायक अन्य।
सूफिज्म की खुशबू से महकने लगा नागौर
हजरतसूफी हमीदुद्दीन नागौरी के सालाना उर्स की शुरुआत के साथ ही पूरे नागौर शहर में सूफिज्म का माहौल देखने को मिल रहा है। घरों में खीचड़ा बनाकर फातेहा लगाने का दौर शुरू हो चुका है। मोठ बाजरी के विशेष खीचड़े को हजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी पसंद किया करते थे। घर घर में लोग अब उर्स के तहत कुरान शरीफ की तिलावत करने उसके बाद आस्ताना औलिया पर जियारत कर दुआएं मांगने पहुंच रहे हैं। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिणी भारत से कई जायरीन यहां पहुंचना शुरू हो गए हैं।
नागौर. दरगाहहजरत सूफी हमीदुद्दीन नागौरी के उर्स के तहत संदल पेश करने जाते अकीदतमंद।