खाद बीज दुकान संचालकों ने केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
नागौरके व्यापारियों ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहनसिंह के नाम का ज्ञापन नागौर एडीएम कालूराम जाट को सौंपा। ज्ञापन में कीटनाशी संशोधन कानून के तहत शैक्षिक योग्यता रखने वाले आवेदकों को ही लाइसेंस जारी करने का विरोध करते हुए शिक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है।
कीटनाशी दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष जीवण मल भाटी के नेतृत्व में जिलेभर के दुकानदारों ने ज्ञापन में बताया कि कीटनाशक फर्टीलाइजर बेचने के लाइसेंस के लिए शिक्षा की योग्यता करने से पुराने व्यापारियों में घबराहट का माहौल है। नए लाइसेंस के लिए शिक्षा की अनिवार्यता लागू करने से संपूर्ण भारत वर्ष में दुकानदारों के भविष्य पर खतरे के बादल छा गए है। इस दौरान दुकानदारों ने शांति पूर्ण प्रदर्शन किया।
दुकानदारों ने बताया कि राजस्थान सहित देश के पुराने लाइसेंस धारकों को भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन 2015 जारी होने के दो वर्ष के भीतर शैक्षणिक योग्यता हासिल करनी है, लेकिन भारत में किसी भी विश्वविद्यालय में कृषि संबंधी डिग्री तीन-चार वर्ष से कम समय की नहीं है। इस अवसर पर प्रेमराज, गोपाल सोनी, रामेश्वरलाल, अनिल कुमार, भंवरलाल तंवर, नरेन्द्र पारीक, तेजवीर सिंह, माणकचंद, गणपत राम, कपिल, राजाराम, श्रवण राम सहित अनेक व्यवसायी मौजूद थे।
डीडवाना| डीडवानातहसील के खाद बीज व्यापारियों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन के कासम खां के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया कि कीटनाशक उर्वरक विक्रेता लाइसेंस में शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य की गई है। जिसमें विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही है। यह व्यवसाय मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में फैला है जो कृषि के अनुभव का ज्ञान रखते है।
पिछले 6 दशकों से चल रहे इस व्यापार को करने वाले पुराने व्यापारियों के लिए किसी तरह की शिक्षा को लेना असंभव है। इसमें जो नियम बनाए गए है उसमें संशोधन किया जाए ताकि खेती-बाड़ी, बीज-भण्डार यवसायी अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चला सके।