अनुशासन, कड़ी मेहनत सुसंस्कार ही सफलता का मूलमंत्र : सुण्डा
सवाल : वीटी स्कूल की ऐसी क्या खासियत है जो अभिभावक अपने बच्चे को यहां प्रवेश दिलाएं
जवाब:हम तो केवल परिणाम की बात करते हैं। अन्य विद्यालयों की तुलना में हमारा परिणाम देख लीजिए, 1995 में विद्यालय की स्थापना के बाद से लगातार बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम उत्कृष्ट दिया है। हमारे विद्यार्थियों ने लगातार राज्य और जिला मैरिट में स्थान बनाकर गौरवान्वित किया है। उत्कृष्ट परिणाम देने के कारण ही सन 2011 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने संस्थान को प्रदेश स्तर पर चयन कर सम्मानित किया था। यह गौरव नागौर जिले में सिर्फ वीटी स्कूल को ही हासिल हुआ है। विद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थियों में 3 आईएएस, एक आईएफएस, करीब 52 डॉक्टर समेत विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित शामिल है।
सवाल:उत्कृष्ट परिणाम के लिए पढ़ाई की क्या प्रणाली अपनाते हैं
जवाब:अच्छे परिणाम के लिए पहली शर्त है कठोर अनुशासन। स्कूल में इस पर खास ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षित, अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों की टीम पूरी तरह सजग रहकर विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से व्यक्तित्व विकास और अध्ययन के प्रति प्रेरित करती है। अन्य विद्यालयों की तुलना में यहां 8 की जगह 10 पीरियड के सिस्टम को अपनाया जाता है। प्रार्थना सभा में योग और संस्कारित करने वाले प्रसंगों का समावेश किया गया है। अंग्रेजी के शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कुल मिलाकर अनुशासन के साथ ही कड़ी मेहनत सुसंस्कार को ही सफलता का मूलमंत्र मानते हैं।
सवाल:फीस कितनी और हॉस्टल की कैसी सुविधाएं है।
जवाब:अन्य विद्यालयों की तुलना में हमारे यहां शुल्क कम है। हमारा ध्येय है कि गांवों से मध्यमवर्गीय निम्नवर्ग के परिवारों से निकले बच्चों को अफोर्डेबल फीस में उत्कृष्ट शिक्षा मिले। खास तौर से फीस के संबंध में विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव नहीं डाला जाता है। वहीं प्रतिभावान बच्चों जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति भी दी जाती है। छात्रावास में घर जैसा माहौल है, पौष्टिक आहार के साथ ही खेलकूद, अतिरिक्त कक्षाओं पर भी ध्यान दिया जाता है। छात्रावास में फिक्स 200 सीटों पर ही हम प्रवेश देते हैं।
हरेंद्र सुण्डा
सोहनलाल सुण्डा