- Hindi News
- प्राथमिक विद्यालय मर्ज करने से बच्चों को नहीं मिल रहा पोषाहार
प्राथमिक विद्यालय मर्ज करने से बच्चों को नहीं मिल रहा पोषाहार
सेदरिया बालोतान गांव में देपानाड़ी स्थित राप्रवि एवं रामावि सेदरिया बालोतान के बीच चार किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से एकीकरण करने से देपानाड़ी स्कूल के विद्यार्थियों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। विद्यालय के एकीकरण को निरस्त करवाने के लिए देपानाड़ी सेदरिया बालोतान के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है। गौरतलब है कि देपानाड़ी प्राथमिक विद्यालय में वर्तमान में एसटी वर्ग के मात्र 12 छात्र-छात्राएं नामांकित है तथा इस प्राथमिक विद्यालय से चार किलोमीटर की दूरी पर रामावि आया हुआ है। इस प्रावि के चार किमी दायरे में कोई भी विद्यालय भी नहीं है।
इधर छात्र संख्या की कमी को देखते हुए तत्कालीन बीईईओ मोहनलाल लोहार ने चार किमी की दूरी के नियमों को ताक में रखकर माध्यमिक विद्यालय में एकीकरण किए जाने की सिफारिश कर डाली और देपानाड़ी प्राथमिक विद्यालय को बिना भौतिक सत्यापन के माध्यमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय को में मर्ज करने पर चार किलोमीटर से दूरी पर स्थित माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राएं नहीं गए तो सेदरिया बालोतान माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल कुमार स्वामी ने माध्यमिक शिक्षा अधिकारी को अवगत करवाया जिस पर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय को पुन: देपानाड़ी में संचालित करवाने के निर्देश दिए।
पोषाहार की करनी होगी व्यवस्था
पिछलेनवंबर माह से देपानाड़ी प्राथमिक विद्यालय उसी पुराने भवन में संचालित हो रहा है लेकिन प्रशासनिक नियंत्रण माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पास होने से प्राथमिक विद्यालय में पोषाहार पकाने वाली महिला कुक को हटा दिया गया। वैसे पिछले माह से शिक्षा विभाग की ओर से पोषाहार की व्यवस्था नहीं होने से देपानाड़ी प्राथमिक विद्यालय प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर ही किसी को बुलाकर पोषाहार की व्यवस्था शुरू करवा रखी है। आने वाले दिनो में पोषाहार सामग्री महिला कुक को देने के लिए पारिश्रमिक की राशि के लिए प्राथमिक विद्यालय प्रशासन को आगे आना होगा या फिर पोषाहार बंद करना पड़ेगा।
कुक रखने के लिए नहीं विभागीय अनुमति
^देपानाड़ीराजकीय प्राथमिक विद्यालय का सितंबर माह में माध्यमिक विद्यालय में एकीकरण किया गया था। सरकार की ओर से नवंबर माह में आदेश जारी करने के बाद 14 नवंबर को देपानाड़ी प्राथमिक विद्यालय के दोनों