अधिकारियों की 20 टीमें करेगी सिंचाई के पानी की निगरानी
भास्कर न्यूज | गुडा बालोतान
जवाईकमांड क्षेत्र के 22 राजस्व गांवों के साथ साथ पाली जिले के जवाई कमांड के करीब 35 गांवों में जवाई नहर प्रणाली से अंतिम पाण के पानी से केवल गेंहूं की फसल को सिंचित करवाने को लेकर सिंचाई विभाग के साथ साथ दोनों जिलों का उपखंड जिला प्रशासन वितरण व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार रात को रात के 8 या 9 बजे के आसपास जवाई बांध से जवाई नहर में अंतिम पाण की सिंचाई करवाने के लिए 9 दिन के बजाय मात्र पांच दिनों के लिए पानी छोड़ा गया। सिंचाई का पानी शनिवार अल सवेरे या टेल के निर्धारित किए समय पर पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरी कोशिश में लगे हैं।
इधर शुक्रवार देर शाम आहोर सुमेरपुर नहरी कमांड क्षेत्र के गेंहूं वाले रकबों का रिकार्ड उपलब्ध हो पाया है। गेंहूं के रकबों का पूरा रिकार्ड मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने दोनों तहसील के पटवारियों से प्रत्येक आउटलेट खालिये पर आए गेंहूं के रकबो को सिंचित करवाने के लिए बाराबंदी की लिस्ट जारी की है। आहोर राजस्व रिकार्ड के मुताबिक जवाई कमांड के 22 राजस्व गांवों में गेंहूं की फसल का रकबा 2 से ढाई हैक्टेयर के करीब है। वहीं पाली जिले के जवाई कमांड में गेंहूं का रकबा 5 से 6 हजार हैक्टेयर के करीब है।
कड़े पहरे के बीच मिलेगा सिंचाई का पानी
जवाईनहर की अंतिम पाण का पानी किसानों को आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाएगा। गेंहूं के रकबो के अलावा दूसरी फसल को सिंचित करने का प्रयास करने वाले किसानों को प्रशासन की चुनौती स्वीकार करनी होगी। हालांकि दोनों जिले के प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा मॉनिटरिंग के पुख्ता बंदोबस्त किए जा चुके है। प्रत्येक आउटलेट खालिये पर पुलिस का पहरा रहेगा। तथा अतिरिक्त पुलिस बल भी गश्त करता रहेगा।
पानी दिलवाने के लिए प्रशासन ने की पूरी तैयारी
जवाईनहर से होने वाली सिंचाई के दौरान नहरी क्षेत्र में तहसीलदार, आरआई पटवारी एवं पुलिस तो जिम्मेदारी निभाते ही हैं, लेकिन इनके साथ संबंधित गांवों के कृषि पर्यवेक्षकों को भी डयूटी पर लगाया है। आहोर प्रभारी एवं एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि जवाई नहर की अंतिम पाण का पानी पांच दिनों तक दिया जाएगा। इन पांच दिनों में नहरी कमांड के दो से ढाई हजार हैक्टेयर रकबे में खड़ी गेंहूं की फसल को सिंचित करवाने की तैयारियों को लेकर जवाई नहर की आऊटलेटों पर निगरानी रखने किसानों को उनके हक का सिंचाई का पानी समान रूप से दिलवाने के लिए अलग अलग 20 टीमें बनाई हैं। टीम में कर्मचारियों के साथ पुलिसकर्मी भी वही प्रत्येक टीम में पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक पुलिस कर्मी को शामिल किया गया है। वहीं नहर माइनरों की प्रत्येक आउटलेट पर दो दो टीमें मौजूद रहेगी। जो आहोर प्रभारी को हर घंटे की सूचना से अपडेट करवाते रहेगें। टीम के समक्ष किसी भी तरह की समस्या आने पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ते की व्यवस्था भी बना रखी है।