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टेल पर गेज कम होने से नहीं पहुंच रहा पानी, किसान परेशान

5 वर्ष पहले
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जवाई कमांड क्षेत्र के 22 गांवों में सिंचाई के लिए दी गई अंतिम पाण में गेज कम होने से किसान परेशान है। जानकारी के अनुसार जवाई बांध से शुक्रवार की रात को जवाई नहर में छोड़ा गया पानी शनिवार देर शाम तक जवाई नहर की टेलों तक पहुंच पाया। शुक्रवार की रात को जवाई बांध से छोड़ा गया 40 एमसीएफटी पानी नहरों में धीमी गति से चलने के कारण टेलों तक पहुंचने में भी समय अधिक लग गया।

जिस तरीके से नहरों माइनरों में जिस वेग से पानी की आवक हो रही थी। उससे तो नहीं लगता कि जवाई नहर की टेलों का गेज मेंटेन हो पाएगा। इतना जरूर है कि नहरों के हैड पर आए आऊटलेटो पर प्रशासन की नजर रहेगी तो टेलों का गेज आधा फीट के आसपास रह सकता है। शनिवार देर शाम को समाचार लिखे जाने तक जवाई नहर की एक भी टेल का गेज वास्तविक रूप से नहीं चल रहा था। उम्मेदपुर माईनर की अगवरी टेल का गेज शाम बजे तक तीस चालीस के आस पास चल रहा था। अगवरी टेल का गेज एक फीट रहने पर ही अंतिम छोर से खेत तक पानी पहुंच पाएगा। वरना इस स्थिति में तो खेतों तक पानी पहुंच पाना मुश्किल है। यही स्थिति तखतगढ़ नहर की चांदराई टेल पर देखने को मिली। वहां पर भी आधा फीट से कम का गेज चल रहा था। जो खेतो तक पानी पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। लेकिन तखतगढ़ माईनर की उखरडा टेल पर तो शाम 7 बजे तक पानी पहुंच ही नहीं पाया था। वहां पर किसान चिंतित नजर रहे थे। शेष|पेज16

जल्दबाजीमें जारी हुई बाराबंदी सूची में रह गई त्रुटियां

जवाईकमांड क्षेत्र में सिंचाई से वंचित रहे गेहूं के रकबो को सिंचित करवाने के लिए शनिवार को बाराबंदी सूची जारी की गई। लेकिन उसमें भी आनन फानन में गेंहूं के रकबे की जगह पर रायड़े के रकबे की बाराबंदी जारी हो गई। ऐसी स्थिति में बाराबंदी सूची से वंचित रहने वाले गेहूं के रकबे वाले किसानों को भूलवश रायड़े के रकबे के लिए जारी हुई बाराबंदी के समय का पानी दिलवाकर किसान एक दूसरे का सहयोग करने में जुटे हुए है। ताकि अपने साथी किसान के गेहूं की फसल सिंचाई के अभाव में जल जाए। इसी के साथ बाराबंदी में हुई त्रुटियों के चलते कोई किसान मानने को तैयार नहीं होते है। वहां पर प्रशासन, पटवारी, संगम अध्यक्ष जनप्रतिनिधी किसान को भाईचारे से समझाकर गेंहूं के रकबो वाले किसानों को पानी दिलवाने में लगे हुए है। इसी के साथ संगम अध्यक्ष, किसानों प्रशासन का पूरा पूरा प्रयास है कि कोई भी गेहूं का रकबा सिंचाई से वंचित नहीं रहे।

मॉनिटरिंगकरने के लिए बनाई गई है मोबाइल टीम

जवाईनहर से गेहूं के रकबो को व्यवस्थित रूप से सिंचित करवाने के लिए जवाई कमांड क्षेत्र में आई हुई जवाई नहर, माइनरों आऊटलेटो पर निगरानी के लिए 10 भू अभिलेख निरीक्षक, 20 पटवारी कृषि पर्यवेक्षकों के सभी टीमों के साथ साथ 2-2 पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। वहीं टीमों द्वारा निगरानी करने के दौरान कोई कमी नजर नहीं आए इसके लिए दो मोबाइल टीम भी बनाई गई है। जिसमें सेदरिया हैड की उम्मेदपुर माईनर बीठिया वितरिका पर नायब तहसीलदार गुलाबसिंह चारण को मोबाइल टीम प्रभारी बनाया गया है। वही तखतगढ़ नहर माईनर गोगरा नहर माईनर पर मॉनिटरिंग के लिए भाद्राजून नायब तहसीलदार गुलाबसिंह को मोबाइल टीम प्रभारी बनाया गया है। इसी के साथ आहोर प्रभारी एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल आहोर तहसीलदार मनमोहन व्यास सारी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है।

^जवाई नहर से आहोर जवाई कमांड क्षेत्र के रकबो में खड़ी गेहूं की फसल को सिंचित करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके लिए पूरे प्रशासन के साथ साथ पुख्ता पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है। रही बात नहरों की टेलों के गेज की तो इसे मेंटेन करवाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। -प्रकाशचंद्र अग्रवाल, उपखंड अधिकारी आहोर

^जवाईनहर से दी जाने वाली अंतिम सिंचाई के पानी से केवल गेहूं की फसल को सिंचित करवाना है। जिसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भूलवश बाराबंदी सूची में कुछ त्रुटियां हुई है तो किसान आपसी सहयोग से मामले को सुलझाकर गेहूं के रकबो को सिंचित करवाने में मदद करनी होगी। टेलों के गेज को मेंटेन करने के लिए सिंचाई विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। सभी वंचित किसानों को गेंहूं की फसल का पानी दिलवाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। -चंद्रवीरसिंह, सहायक अभियंता, जवाई नहर खंड सिंचाई विभाग सुमेरपुर

गुडा बालोतान. चांदराई टेल पर शाम सात बजे तक मेंटेन नहीं हो पाया गेज।

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