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जहाजपुर विधायक धीरज गुजर्र को महासचिव बनाने के बाद कांग्रेस में इन दिनों फिजां बदली बदली सी नजर रही है
गुर्जर का कद बढ़ते ही जोशी खेमे के नेता हाशिए पर आए
राजनीित
कांग्रेसमें इन दिनों फिज़ां बदली-बदली सी है। प्रदेश कार्यकारिणी में जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर के महासचिव बनने के बाद से ही कांग्रेस कार्यालय में उनके नजदीकी कार्यकर्ता नेताओं का वर्चस्व नजर आने लगा है। अब तक कांग्रेस कार्यालय जिले में कांग्रेस की राजनीति का केंद्र डॉ. सीपी जोशी खेमे के नेता थे। जोशी के नजदीकी पूर्व मंत्री रामलाल जाट, यूआईटी के पूर्व चेयरमैन रामपाल शर्मा और जिलाध्यक्ष अनिल डांगी ही कांग्रेस की राजनीति चला रहे थे। जिलाध्यक्ष डांगी को छोड़कर दोनों नेता नेपथ्य में चले गए हैं।
गुर्जर के महासचिव बनने के बाद स्थितियां बदली सी नजर रही हैं। शनिवार को हुए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में भी यह बदले समीकरण साफ देखने को मिले। जिलाध्यक्ष अनिल डांगी प्रदर्शन कार्यक्रम थे लेकिन विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व गुर्जर कर रहे थे। उनके नजदीकी कार्यकर्ता नेताओं ने ही पूरे कार्यक्रम की कमान संभाल रखी थी। सब-कुछ उनके इर्द-गिर्द घूम रहा था। जोशी खेमे के प्रमुख नेता रामलाल जाट रामपाल शर्मा तो प्रदर्शन में आए ही नहीं। उनके खेमे के जो नेता आए वे भी अलग-थलग ही नजर रहे थे। पूरे समय रामलाल जाट, रामपाल शर्मा का किसी ने नाम तक नहीं लिया। विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कार्यक्रम थे लेकिन उन्हें भी आगे आने का मौका नहीं दिया गया। पूरे कार्यक्रम में वे पीछे ही खड़े रहे।
कार्यालय में गुर्जर का ही रहा इंतजार
मौनजुलूस शुरू होने से पहले कांग्रेस कार्यालय में धीरज गुर्जर का ही इंतजार रहा। उनके आते ही जिलाध्यक्ष डांगी ने उनका स्वागत किया। कांग्रेस कार्यालय में उनका अभिनंदन समारोह भी करने पर चर्चा हुई। आसींद नगर पालिका अध्यक्ष हंगामीलाल मेवाड़ा भी गुर्जर के साथ प्रदर्शन कार्यक्रम में आगे थे। मेवाड़ा अशोक गहलोत खेमे के हैं। विधानसभा चुनाव में मेवाड़ा ने कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर रामलाल जाट को हराने में अहम भूमिका निभाई।
पंचायतचुनाव पर नजर
धीरजगुर्जर को अशोक गहलोत सचिन पायलट खेमे का माना जाता है। गुर्जर अब तक जिले में कमजोर स्थिति में थे, लेकिन जिले से कांग्रेस के एक मात्र विधायक के रूप में जीतने, पायलट के प्रदेश अध्यक्ष बनने और अब प्रदेश महासचिव बनने