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राजसमंद की महिला की स्वाइन फ्लू से मौत

6 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा। जिला अस्पताल में भर्ती रही राजसमंद के आरनी गांव की वृद्धा की शनिवार को अजमेर में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। नंदू देवी (70) पत्नी गोपाललाल दर्जी को जिला अस्पताल में 4 फरवरी को भर्ती कराया गया था।
इसे 5 फरवरी को अजमेर रेफर कर दिया गया। इसकी जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। यह महिला भीलवाड़ा के पास स्थित ओज्याड़ा गांव अपने बेटे के पास आई हुई थी। इसी दौरान इसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे जिला अस्पताल लाया गया था।
वहीं जिला अस्पताल से अजमेर रेफर किए गए आसींद के एक व्यक्ति को भी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया है। यह मरीज महाराष्ट्र के जलगांव में मजदूरी करता है जो इन दिनों आसींद आया हुआ था।
अरिहंत अस्पताल में भर्ती जहाजपुर की महिला को भी स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो गई है। दोनों की तबीयत में सुधार हो रहा है। जिला अस्पताल में शनिवार को चार मरीज भर्ती हुए। अब तक 13 मामले पॉजिटिव चुके हैं।

ट्रोमावार्ड नहीं बन सका स्वाइन फ्लू वार्ड

ट्रोमावार्ड में स्वाइन फ्लू वार्ड को व्यवस्थित ढंग से शिफ्ट करने का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। ट्रोमा वार्ड से चोरी हुआ लिफ्ट का डिवाइस अहमदाबाद से मंगवाया गया है, लेकिन इसके जरिए लिफ्ट को शुरू नहीं किया जा सका। अब दोबारा डिवाइस मंगवाया जाएगा।

रोगियोंमें 60 फीसदी मेडिकल वार्डों से

जिलाअस्पताल के मेल फीमेल मेडिकल वार्ड में स्वाइन फ्लू की आशंका बढ़ने लगी है। अब तक जिन रोगियों को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया गया है, उनमें से साठ फीसदी पेशेंट मेल मेडिकल फीमेल मेडिकल तथा बच्चा वार्ड से लाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे संदिग्ध पाए गए रोगियों को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती किया। अब तक स्वाइन फ्लू वार्ड में 20 मरीज भर्ती किए गए हैं, इनमें से बारह अन्य वार्डों में भर्ती थे। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है।

वायरस कमजोर होने की संभावना

तापमान में वृद्धि के साथ ही स्वाइन फ्लू वायरस कमजोर पड़ने लग जाता है। इन दिनों तापमान बढ़ा है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के संक्रमण पर प्राकृतिक रूप से काबू होने की संभावना बढ़ गई है। डॉ. केसी पवार का कहना है कि तापमान अधिकतम 26-27 डिग्री न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब आने के साथ ही इस वायरस पर स्वत: नियंत्रण होने लगता है।

यह वायरस तापमान कम होने के दौरान ज्यादा सक्रिय रहता है।