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सृजन ही समाज के लिए हितकर : सुभाष

7 वर्ष पहले
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सृजनसमाज के लिए हितकारी है। हमें समूह की बजाय समाज में रहना सीखना चाहिए ताकि हम अपना नैतिक एवं आध्यात्मिक उत्थान कर सकें। यह बात रविवार सुबह अजमेर रोड स्थित श्री दिवाकर धाम में मुनि डॉ. सुभाष ने कही। वे जैन दिवाकर चरण साधना सेवा संस्थान के तत्वावधान में जैन दिवाकर अतिथि भवन, गौतम लब्धि गृह एवं ध्यानकेंद्र के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने समाजजनों को ज्ञानवर्धक बातें बताते हुए उनका अनुशरण करने की भी सीख दी। समारोह की अध्यक्षता वर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीम चौक रतलाम के अध्यक्ष इंद्रमल जैन ने की। मुख्य अतिथि जैन कांफ्रेंस नई दिल्ली की वेयावच्य समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कंवर लाल सूर्या थे। कार्यक्रम की शुरुआत महासती अर्हत ज्योति मसा, सौम्य ज्योति मसा आदि के मंगलाचरण से हुई। संघ के प्रचार मंत्री अरविंद झामड़ ने अतिथियों का स्वागत किया। शकुंतला बोहरा, सुशीला, सुनीता कोठारी, सुनीता बोथरा, संध्या चपलोत, आशा चपलोत आदि ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संघ मंत्री प्रकाश बाबेल ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वैराग्य बहन प्रियंका जैन का सम्मान किया गया। उप प्रवर्तिनी महासती सत्यसाधना मसा की प्रेरणा से साधु-संतों के आहार-विहार की व्यवस्था के लिए जैन दिवाकर कमला सत्य वेयावच्य ट्रस्ट का गठन किया गया। महासती मुक्तिप्रभा मसा, संयमप्रभा मसा ने गीतिका प्रस्तुत की। सत्यसाधना मसा चेतना मसा ने दिवाकर गुरु संथारा साधिका चरण प्रज्ञा जी मसा के जीवन के प्रेरणादायी संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर भीलवाड़ा सहित लांगच, आसींद, बदनौर, कपासन, चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, रतलाम, चेन्नई, जयपुर आदि शहरों के समाजजन उपस्थित थे। संचालन महावीर बापना ने किया।

भीलवाड़ा. कार्यक्रमके दौरान मंचासीन मुनि सुभाष अन्य संत।

किया उदघाटन

संघअध्यक्ष दौलत मल भड़कतिया ने बताया कि ध्यान साधना केंद्र का उदघाटन मुख्य अतिथि कंवर लाल सूर्या ने किया। जैन दिवाकर गौतम लब्धि गृह का उदघाटन सुरेंद्र सुराणा, प्रतापसिंह खमेसरा रतन बाई खाब्या ने किया।

इनकामिला सानिध्य

समारोहमें उप प्रवर्तक प्रदीप मुनि मसा आदि ठाणा तीन, उप प्रवर्तिनी संथारा प्रेरिका महासती सत्यसाधना मसा आदि ठाणा 9, विमलकंवर मसा, मुक्तिप्रभा मसा आदि ठाणा 6, महासती चेतना मसा सहित समाज के गणमान्य नागरिकों का सानिध्य मिला।