अस्पताल में सुरक्षित नहीं है नवजात
आठ दिन पहले झाड़ियों में मिला नवजात जिला अस्पताल में स्वस्थ है लेकिन सुरक्षित नहीं है। कारण, बच्चे को संक्रमण की आशंका है। अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को स्वस्थ बताते हुए, बाल कल्याण समिति को उसे ले जाने के लिए पत्र लिखा है।
विदित रहे कि आठ दिन पहले बागमाली (आसींद) में किसी महिला ने नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद मरने के लिए झाड़ियों में छोड़ दिया था। ग्रामीणों ने जब नवजात को बिलखते हुए देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इस नवजात को बाल कल्याण समिति के आदेश से जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस श्रोत्रिय ने नवजात को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए बाल कल्याण समिति को नवजात को अस्पताल से ले जाने के लिए कहा है। उधर, यहां शिशु गृह नहीं होने से समिति अब इस नवजात को जयपुर स्थित शिशुगृह भिजवाएगी। अभी बच्चे की जिम्मेदारी यशोदा कार्यकर्ता निभा रही है। बच्चे की सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी लगा रखा है।
होसकता है इंफेक्शन
शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. श्रोत्रिय के अनुसार, इस नवजात का वजन भी ठीक है और दूध पी रहा है। ऐसे में अन्य बीमार नवजात के साथ सुलाने से इसे भी इंफेक्शन हो सकता है। उन्होंने बताया कि नवजात के शरीर पर कांटे के कुछ निशान थे वह भी ठीक हो गए हैं।
शिशुगृह नहीं होने से समस्या
बालकल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने बताया कि शहर में शिशु गृह नहीं होने से ऐसे बच्चों को रखने में परेशानी आती है। पहले भी एक बच्चे को जोधपुर भेजा था परंतु वापस गया। अब इस बच्चे को गोद देने की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रक्रिया में समय लगेगा तब तक बच्चे को जयपुर भेजा जा रहा है।
संगोष्ठी आयोजित
भीलवाड़ा.बैंकऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक एवं राजस्थान अंचल प्रमुख आरके गुप्ता, उप महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक जगजीवनराम एवं सहायक प्रबंधक पीके खंडेलवाल के सानिध्य में पुराना आरटीओ रोड स्थित एक होटल में एसएमई ग्राहकों की संगोष्ठी का आयोजन किया गया।