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थमे बजरी ट्रकों के चक्के, बजरी ट्रक ऑपरेटर्स हड़ताल पर उतरे

7 वर्ष पहले
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बोडामली,आसपुर सोम नदी, साबरमती, शामलाजी मेस्वो नदी, कागदर, उदयपुर, खड़का सलूंबर

क्याहै समस्याएं

>टीएसपी क्षेत्र में खनन पट़्टे नहीं दिए गए हैं, ऐसे में सभी ट्रकों में भरी बजरी को अवैध माना जा रहा है।

> गुजरात जो रॉयल्टी रसीद काटता है, वह रतनपुर बॉर्डर के बाद मान्य नहीं होती है, यहां पर अलग से वसूली के लिए दबाव बनाया जाता है।

> 600 रु. प्रतिटन की दर से सप्लाई महंगी पड़ रही है, दर को सुधारा जाए।

> ओवरलोडिंग के नाम पर परिवहन पुलिस विभाग भी परेशान करता है।

> गुजरात से बजरी लेकर आने वाले ट्रक चालकों को किसी किसी बात को लेकर वहां की पुलिस रास्ते में रोककर अवैध वसूली करती है।

डूंगरपुर। बजरीट्रांसपोर्ट करने वाले ट्रक ऑपरेटर्स ने रविवार सुबह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। ऑपरेटर्स सुबह रीको इंडस्ट्रीयल एरिया के प्रवेश द्वार के पास अस्थाई रूप से चल रहे रेती स्टैंड पर हड़ताल पर बैठ गए। सभी ने अपने-अपने ट्रक घर पर खड़े कर दिए। इससे रेती स्टैंड सन्नाटा पसरा रहा। बजरी के बिना भवन निर्माण का कार्य रविवार से प्रभावित होना भी शुरू हो गया। लोग बजरी के ट्रकों की तलाश में यहां-वहां भटकते रहे। शाम होते-होते बजरी के दाम में आठ सौ रुपए प्रति टन तक का उछाल आया। हड़ताल को लेकर शुरू हुए धरना स्थल पर हुई सभा में रतनलाल पाटीदार, शंकरलाल, बाबूलाल कलाल, दिलीप कुमार, शांतिलाल, रमणलाल, हिम्मतसिंह, रूपलाल, वागजी, पूंजीलाल, तुलसीराम, लक्ष्मणसिंह ने विचार रखे।

अबआगे क्या

निर्माणकार्य करने वाले ठेकेदार अब सीधे गुजरात के ट्रक ऑपरेटर्स से संपर्क कर सकते हैं। गुजरात से यहां बजरी लाते समय तो उन्हें किराया मिल जाएगा, लेकिन लौटते समय ट्रक खाली जाएंगे, ऐसे में डीजल जेब पर भारी पड़ेगा। इसकी कीमत भी खरीदारों से ही वसूली जाएगी और लागत बढ़ जाएगी। वर्तमान में यह दर 600 रु. प्रति टन प्रशासन ने नियंत्रित कर रखी है, जिसके बढ़कर 1000 रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

गुजरात के ऑपरेटर्स स्थानीय के बीच हड़ताल के बाद भी बजरी सप्लाई करने को लेकर विवाद होने के आसार हैं। इसके बाद भी यदि गुजरात से मटेरियल यहां सप्लाई होता है तो हड़ताल बेअसर साबित हो सकती है।

डूंगरपुर. रेतीट्रक ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से धरने पर बैठे ट्रक ऑपरेटर और ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के दौरान सूना पड़ा रेती स्टैंड।