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डीपीसी के चयनित शिक्षकों को तीन जगह करनी होगी रिपोर्टिंग

6 वर्ष पहले
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तृतीयश्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नत शिक्षकों को अब नए फरमान ने परेशानी में डाल दिया है। कार्यमुक्त रिपोर्ट एक नहीं तीन जगह अलग-अलग देनी होगी, जिससे शिक्षकों के कम से कम दो से चार दिन तक बिगड़ेंगे।

प्रारंभिक शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक में पदोन्नति होने पर शिक्षकों को रिलीव (कार्यमुक्त) किया जाता है। विभागीय नियमों में शिक्षक जिस स्कूल में कार्यरत है। वहां के संस्थाप्रधान से पदोन्नति की सूचना के प्रपत्र देकर रिलीव होता है, लेकिन विभाग के नए आदेश में दो पूर्व डीपीसी चयनित शिक्षकों को संबंधित स्कूल, ब्लॉक शिक्षा कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रिलीव रिपोर्ट दी जाएगी। ऐसे में शिक्षकों को अब एक की जगह तीन कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

बीईईओ ऑफिस में रिपोर्ट देनी थी

पदोन्नतशिक्षकों को विभाग के नियमानुसार संबंधित स्कूल से ही रिलीव किया जाता है। इसके बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने कई वर्ष पूर्व दस्तावेज संपूर्ण करने के लिए ब्लॉक कार्यालय में भी रिलीव ऑर्डर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जो एक परिपाटी बन गया था। इस वर्ष से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय डूंगरपुर में भी रिलीव रिपोर्ट देनी होगी।

शिक्षकोंपर बोझ

शिक्षककी पदोन्नति होने के बाद संबंधित स्कूल के संस्थाप्रधान को रिलीव आॅर्डर प्रस्तुत कर कार्यमुक्त किया जा सकता है। इसके बावजूद उसे ब्लॉक कार्यालय जाना पड़ता है। फिर से रिलीव आॅर्डर की फाइल चलती है। जहां से बीईईओ के सिग्नेचर होने के बाद रिलीव ऑर्डर निकलता है। इस ऑर्डर सहित संबंधित सूचना ब्लॉक कार्यालय से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत होती है। जिसकी समस्त जिम्मेदारी एलडीसी और युडीसी की होती है, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण समय पर सूचना नहीं मिलती है। जिसके कारण शिक्षक का नाम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज रहता है। अब इस समस्या के समाधान के लिए शिक्षकों को तीन जगह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

संतानशपथ पत्र की भी परेशानी

उदयपुरसंभाग में डीपीसी चयनित शिक्षकों को नवंबर माह में ही दो संतान होने का शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्रारंभिक सेटअप के सभी शिक्षकों ने दो संतान संबंधित शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। अब डीपीसी में चयन होने के बाद माध्यमिक सेटअप में फिर से शिक्षकों से दो संतान का नया शपथ पत्र मांगा जा रहा है। जिससे शिक्षकों को दोहरी परेशानी हो रही है।

संगठनमें भी विरोध

शिक्षकसंघ राष्ट्रीय के जिला मंत्री ऋषिन चौबीसा ने बताया कि शिक्षकों से पदोन्नति में भी बाबूगिरी कराई जा रही है। जिसका संगठन विरोध करता है। विभाग चाहे तो ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से समस्त रिपोर्ट प्राप्त कर सकता है। फिर भी शिक्षकों को तीन बार रिपोर्ट प्रस्तुत करवाना गलत बात है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कोई शिक्षक निठाउवा क्षेत्र का है तो सबसे पहले उसे अपनी स्कूल में रिपोर्टिंग करनी होगी। इसके बाद आसपुर ब्लॉक में और फिर डूंगरपुर कार्यालय में रिपोर्ट देगा। ऐसे में दो से तीन दिन रिपोर्टिंग में बिगाड़ने होंगे। इसके साथ उसे आर्थिक नुकसान भी झेलना होगा। ऐसी प्रक्रिया का शिक्षक संघ राष्ट्रीय विरोध करता है।

^ब्लॉक कार्यालय की लापरवाही के कारण कई बार रिकॉर्ड संधारण नहीं होता है। ऐसे में अगली डीपीसी में फिर से उसी शिक्षक का नाम जाता है। शिक्षक परेशान जरूर हो रहे हैं, लेकिन अगली डीपीसी में किसी भी शिक्षक को परेशानी नहीं होगी। -आभा मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, डूंगरपुर।