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नहर के रिसाव से सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न, बोई गई फसल हुई खराब
आसपुर. सिंचाईविभाग की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगतने को मजबूर हो रहे हैं। सिंचाई के लिए पानी छोड़ने से पहले नहरों की सफाई और मरम्मत में खानापूर्ति के कारण अब रिसाव की समस्या खड़ी हो गई है। रिसाव से पानी सैकड़ों बीघा तक खेतों में भर गया है। इससे खेतों में बोई गई फसल में खराबा हो रहा है। इसके बावजूद विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जल संसाधन विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते कमांड क्षेत्र के किसान भारी खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं। सोमकमला आंबा बांध की दाईं मुख्य नहर से हो रहे रिसाव के चलते किसानों के सैकड़ों बीघा खेतों में नहर का पानी भरने से बोई गई फसल का खराबा हो गया है। सोमकमला आंबा बांध की नहरों में करीब एक महीने पहले जलप्रवाह प्रारंभ किया गया था। तब विभाग किसानों को टेल तक निर्बाध रूप से पानी देने के दावे कर रहा था। दिन बीतने के साथ दावों की हकीकत सामने आती जा रही है। किसानों का दर्द बढ़ता जा रहा है।
झरियानागांव के पास खेतों में रिसाव
बांधकी दांई मुख्य नहर (आरएमसी) की नाडा माइनर से निकलने वाले और झरियाना गांव से गुजरने वाले उपली माइनर धोरे के एक हिस्से में पिछले कई दिनों से पानी का रिसाव हो रहा है। नहरों से निकलने वाला यह पानी आसपास के खेतों में भर गया है। इससे कई बीघा उपजाऊ जमीन जलमग्न हो गई। इससे किसानों की बोई फसल के साथ मेहनत पर भी पानी फिर गया।
विभागको बताया पर कोई फायदा नहीं : किसानदेवीलाल पाटीदार ने बताया कि नहर में रिसाव और खेतों में पानी भरने की शिकायत कई बार की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई, जबकि मरम्मत के लिए लाखों का बजट आता है। इसके बावजूद साल दर साल नहरों की दशा बिगड़ती जा रही है। आसपास के कई खेतों के किसानों ने सीपेज की समस्या के चलते खेती करना ही छोड़ दिया है। किसानों ने विभाग से नहरों की दशा सुधारकर राहत देने की मांग की है, ताकि गाढ़ी कमाई और मेहनत पर दोबारा पानी फिरे।
आसपुर. आरएमसी के उपली माइनर धोरे में हो रहा रिसाव।
आसपुर. दायीं नहर में रिसाव के बाद खेतों में भरा पानी।