‘सकारात्मक बातें जीवन में उतारें’
आबूरोड. ब्रह्माकुमारीसंस्था परिसर में ही कला एवं संस्कृति प्रभाग की ओर से सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए फिल्म अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर ने कहा कि कलाकारों की असली लाईफ पर्दे पर दिखने वाली जिंदगी से बिल्कुल अलग होती है।
इसलिए दर्शकों को वास्तविक लाइफ में केवल सकारात्मक बातों को ही उतारने का प्रयास करना चाहिए। संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि मनुष्य के अन्दर श्रेष्ठ मूल्यों एवं कलाओं का विकास ही मनुष्य की असली शोभा होती है। इसलिए मनुष्य को मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर भारतीय विद्या भवन मुंबई के निदेशक कमलेश मोटा, प्रभाग की नेशनल कोआर्डिनेटर बीके कुसुम, मुंबई की बीके नीहा और बीके सतीश समेत कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम को संबोधित करती अभिनेत्री उसगांवकर।
आबूरोड. ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। फोटो. भास्कर