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पिंडवाड़ा में बालक में दिखे स्वाइन फ्लू के लक्षण
अजारी गांव के बच्चे में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर निजी डॉक्टर ने जांच के लिए किया रेफर
पिंडवाड़ा|शहर के निकट अजारी गांव के एक बच्चे में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। जिसे एक निजी अस्पताल के डॉक्टर ने जांच के लिए रेफर किया। जानकारी के अनुसार शनिवार को अजारी निवासी भंवरलाल(10) पुत्र कालूराम मेघवाल को तेज जुकाम, शरीर में असहनीय दर्द, तेज खांसी उल्टी हो रही थी। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टर ने उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर उसे जांच के लिए आगे रेफर किया।
सरकारीअस्पताल में केवल मेडिसन : शहरमें एक ओर तो निजी अस्पताल में संदिग्ध रोगी मिला है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए कोई साधन नहीं है। हालांकि अस्पताल में इसके निवारण के लिए टेमीफ्लू मेडिसन उपलब्ध है। लेकिन स्वाइन फ्लू के मरीज के लिए अस्पताल में अलग से आइसोलेशन वार्ड नहीं बनाया गया है, जिससे रोगी को भर्ती कराने में भी परेशानी होगी। शेष|पेज15
उपलब्धनहीं हैं जांच का किट
बीसीएमओ डॉ. सीराम ने बताया कि हालांकि शहर में जांच के लिए वर्तमान में कोई किट उपलब्ध नहीं है, लेकिन पूर्व में जब यह बीमारी फैली थी, तो किट उपलब्ध थे। इसके बचाव के लिए हमारी ओर से स्कूल में टीम भेज कर जांच की जा रही है तथा डोर टू डोर सर्वे करवाया जा रहा है।
बच्चे में थे स्वाइन फ्लू के पूरे लक्षण
मरीज संदिग्ध था। उसमें स्वाइन फ्लू के पूरे लक्षण थे तथा पिंडवाड़ा में जांच की कोई सुविधा नहीं है। इस कारण उसे जांच के लिए आगे रेफर किया गया है।
-डॉ.प्रद्युमन जैन, एमबीबीएस,एमडी, निजी चिकित्सालय
मरीजको पहले अस्पताल में करानी चाहिए जांच
स्वाइनफ्लू के लिए पहले जांच करवानी होती है। मरीज को चाहिए कि वो सरकारी अस्पताल में आए और जांच करवाए। उसका सेंपल लेकर उच्च जांच के लिए भेजा जाएगा तथा उचित उपचार किया जाएगा। हमारे द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयां भेज दी गई है तथा संदिग्ध रोगी होने पर उसका उपचार किया जाएगा।
-डॉ सीराम, बीसीएमओ, पिंडवाड़ा
आबूरोडमें सात को दी टेमी फ्लू
आबूरोड. राजकीयअस्पताल में शनिवार को मरीजों की भीड़ रही। लोग डॉक्टर कक्ष के बाहर कतार में खड़े रहे। डॉक्टर्स ने 445 रोगियों की जांच कर उपचार शुरू किया। इनमें से करीब डेढ़ सौ लोग खांसी-जुकाम से पीडि़त पाए गए। अस्पताल प्रभारी डॉ. एमएल हिंडोनिया ने बताया कि खांसी-जुकाम से पीडि़त सात रोगियों में बी कैटेगरी के लक्षण पाए जाने पर टेमी फ्लू देकर उपचार शुरू किया है। रोगियों को नियमित दवा लेने के साथ साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को प्रेरित किया जा रहा है।
सिरोही. स्वाइन फ्लू के डर से अब स्कूलों में भी सतर्कता बरती जा रही है। चिकित्सा विभाग की ओर से जारी किए गए निर्देशों के बाद अभिभावकों से लेकर शिक्षक तक इसके प्रति सजग हो गए हैं और स्कूली बच्चे भी अब मास्क पहन कर स्कूल पहुंच रहे हैं। शनिवार को सवेरे एक स्कूली बस में सभी बच्चे मुंह पर मास्क लगा कर स्कूल जा रहे थे। ताकि स्वाइन फ्लू के वायरस से बचा जा सके।