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आध्यात्मिकता को बताया सकारात्मक चिंतन माध्यम
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्रीपद नायक ने मीडिया को आध्यात्मिकता के परिवेश से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता सकारात्मक चिंतन का सशक्त स्त्रोत है। ये हमें शांति, सद्भाव स्नेह के लिए प्रेरित करती हंै। आध्यात्मिकता, ज्ञान चिंतन भारत की समूची संस्कृति की पहचान बने हुए हैं।
वे ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में मीडिया प्रभाग की ओर से आयोजित मीडिया महासम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों से पूरा देश गुजर रहा है, उनमें परिवर्तन लाने के लिए जन संचार माध्यमों में सकारात्मकता को प्रोत्साहित किया जाना अतिआवश्यक है। भारत नेपाल के दो हजार मीडियाकर्मियों की उपस्थिति वाले महासम्मेलन के उद्घाटन समारोह में श्रीनायक के साथ संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी भी मौजूद थी। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि के समाधि स्थल, प्रकाश स्तंभ पर गए औरपुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दादी प्रकाशमणि ने इस संस्था का पूरे विश्व में प्रसार किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
स्वागतनृत्य ने किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रममें कटक से आए युवाओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद मीडिया प्रभाग के उपाध्यक्ष करूणा ने कहा कि सत्ता की शक्ति आध्यात्मिक सत्ता है इसलिए आध्यात्मिकता का जितना अधिक प्रसार किया जाएगा, उतनी ही सत्ता को सही दिशा मिलेगी।
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महासम्मेलनके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष ओमप्रकाश ने कहा कि मीडिया को समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए। मुख्य वक्तव्य में सोसायटी ऑफ मीडिया इनिशियेटिव फॉर वैल्यूज के संयोजक प्रो.कमल दीक्षित ने भी विचार व्यक्त किए। संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी कहा कि आध्यात्मिक भूमि कहे जाने वाले भारत में स्वर्ग का स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है। नर्क को स्वर्ग बनाने की चुनौति का सामना करने में मीडिया को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। बंगलोर से आयी प्रो.माया चक्रवर्ती, विश्वविद्यालय इंदौर के विभागाध्यक्ष डॉ.मानसिंह परमार मीडिया प्रभाग के मुख्यालय संयोजक शांतनु ने कहा कि मीडिया स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन के अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोगी ब