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सफाई व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के प्रयास विफल
शहरकी सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नगरपालिका की ओर से किए प्रयास भी विफल साबित हो रहे हैं। शहर की अधिकांश गली-मोहल्लों में नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। शिक्षा के मंदिर सरकारी कार्यालय भी गंदगी की जद में है। इधर, प्रदेश में स्वाइन फ्लू फैलने से लोगों को स्वास्थ्य की चिंता सता रही है। शहर के आबकारी क्षेत्र में ईदगाह मार्ग पर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल हरिजन बस्ती, अंबाजी, खारवाल मोहल्ला, अस्पताल के समीप स्थित सब्जी मंडी मार्ग, शहर थाना भवन के पास, गांधीनगर रेलवे फाटक-डिस्कॉम मार्ग, नाश्ता गली समेत अन्य क्षेत्रों में स्थित मुख्य नाले नालियां कचरे से अवरुद्ध है। हरिजन बस्ती स्कूल के मुख्य गेट के सामने बीआरसीएफ कार्यालय के पास स्थित मिडिल स्कूल के पीछे गंदा पानी फैला रहता है। बदबू मच्छरों के कारण बच्चों के लिए अध्ययन करना मुश्किल हो गया है। संस्था प्रधान ने समस्या के स्थाई समाधान के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पालिका अधिशासी अधिकारी को लिखित में जानकारी दी। लेकिन, स्थिति जस की तस है।
सफाईकर्मियों की भर्ती से भी राहत नहीं : पालिकाने सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए सफाई कर्मियों की भर्ती का रास्ता निकाला। इसके तहत करीब एक माह पूर्व ढाई दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों को नियुक्ति दी गई। तब राहत की उम्मीद बंधी थी। लेकिन, भर्ती से समस्या का तोड़ निकलता नजर नहीं रहा। पूर्व में घर-घर कचरा संग्रहण योजना की क्रियान्विति की थी। वह बंद हो गई। बजट में घोषणा के बावजूद शहर में सीवरेज लाइन की योजना अटकी पड़ी है।
आदत में सुधार नहीं
सरकारस्थानीय निकाय अभियान के माध्यम से शहर, कस्बे गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने को प्रयासरत है। लेकिन, कई लोगों की घर का कचरा प्लास्टिक थैलियों में बांधकर नाले-नालियों मेंं फेंकने की आदत ने गंदगी की समस्या को और अधिक गंभीर बना रखा है। शहर में भी ऐसी स्थिति है। सफाई कर्मियों द्वारा नाली की सफाई के तुरंत बाद लोग बेखौफ घर का कचरा नाली में डाल देते हैं। जिसमें अस्सी फीसदी प्लास्टिक कचरा होता है।
^पांच दिन पूर्व स्कूल के सामने फैली गंदगी, पानी स्कूल परिसर से गुजर रहे नाले की सफाई के लिए पालिका ईओ से आग्रह किया है। -नाथूलालबामणिया, संस्था प्रधान, राउवि हरिजन बस्ती, आबूरोड