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टंकी से व्यर्थ बहते पानी से बगीचे को किया गुलजार

6 वर्ष पहले
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शिक्षक ने घर के सामने जलदाय विभाग की टंकी से लीकेज होकर बहते पानी से पनपा दिया बगीचा

भास्करन्यूज | आबूरोड

किसीव्यक्ति में अच्छा कार्य करने की दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो उस काम में सफलता जरूर मिलती है। ऐसी दृढ़ इच्छा शक्ति परिश्रम की बदौलत शहर से सटे सांतपुर गांव के एक शिक्षक ने कॉलोनी स्थित सरकारी पानी की टंकी से व्यर्थ बहते पानी से टंकी परिसर की जमीन पर बगीचा विकसित किया है। शहर से सटे सांतपुर गांव की ब्रह्मपुरी कॉलोनी निवासी शिक्षक कुलप्रकाश गौतम सरकारी स्कूल में वरिष्ठ शिक्षक के पद पर कार्यरत है। जिनके मकान के सामने आवंटित जमीन पर करीब 6 साल पूर्व जलदाय विभाग की ओर से टंकी चारदीवारी का निर्माण करवाया था। शेष|पेज15





टंकीसे जलापूर्ति शुरू होने के बाद टंकी के पाइप में लीकेज ओवरफ्लो के चलते पानी व्यर्थ बहता रहता था। इससे टंकी परिसर में कीचड़ रहने लगा। इस पर शिक्षक गौतम ने टंकी परिसर की जमीन को बगीचे सा स्वरूप देने का सोचा।

उन्होंने परिसर में छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर फल, फूल आदि जाति के पौधे लगाए। कच्ची नालियां बनाकर व्यर्थ बहते टंकी के पानी से पौधों को सींचने लगे। टंकी के ओवरफ्लो मरम्मत के बाद लीकेज पाइप से पानी की आपूर्ति बंद होने पर पीएचईडी अधिकारियों से आग्रह कर नल कनेक्शन ले लिया। फिर लाइट लोगों के बैठने के लिए बैंच की व्यवस्था की। पेड़-पौधे अन्य सुविधाएं उन्होंने स्वयं के पैसे से जुटाई। आखिर चार साल की मेहनत रंग लाई। आज बगीचे से कॉलोनी के लोगों को सुकून मिल रहा है।

टंकी परिसर हुआ हरा-भरा

^शिक्षकके प्रयास से टंकी परिसर हरा-भरा हो गया है। यह अच्छा कार्य है। सभी को इस तरह के कार्यों में रुचि दिखानी चाहिए। -जीएनमाथुर, सहायकअभियंता, जलदाय विभाग, आबूरोड

टंकी परिसर में बना है बगीचा

^कर्मपर विश्वास रखें। सफलता जरूर मिलती है। टंकी से पानी व्यर्थ बहता था। इसको देखकर टंकी परिसर की खाली जमीन को बगीचे जैसा स्वरूप देने के बारे में सोचा। इस कार्य में प|ी ने भी सहयोग किया। आज बगीचा सभी को सुकून देता है। -कुलप्रकाशगौतम, वरिष्ठशिक्षक, ब्रह्मपुरी कॉलोनी (सांतपुर), आबूरोड

आबूरोड. टंकी परिसर में व्यर्थ बहते पानी से तैयार बगीचा।